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चित्रकूट में कोटेदार ने लिया मेडिकल, कार्ड धारक परेशान
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भाैंरी। करोना वायरस को देखते हुए सरकार राशनकार्ड धारकों को सहूलियत के लिए एक अप्रैल से राशन सामग्री बंटवाना शुरू कर दिया, ताकि गरीबों को राहत मिल सके। उधर, भौंरी कस्बे के कोटेदार ने मेडिकल लगाकर अपने कोटे की दुकान भौंरी कस्बे से 5 किमी दूर ब्यूर गांव के एक कोटेदार से अटैच कर दिया है, जिससे राशन कार्डधारक परेशान है। वहां जाने पर कोटेदार कहता है पहले अपने गांव के ग्रामीणों को राशन सामग्री बांटी जाएंगी। इसके बाद अन्य गांव के ग्रामीणों को दी जाएगी। इससे कई ग्रामीण निराश होकर घर लौट आए।
भौंरी कस्बे में भोला प्रसाद मिश्र के नाम पर कोटा है। उसने मेडिकल लगाकर शासन को अवगत करा दिया है। इसके बाद कोटा भाैंरी कस्बे से 5 किमी दूर ब्यूर गांव में कोटेदार शिवदत्त त्रिपाठी से अटैच कर दिया है। शासन ने इस बार कोरोना वायरस को देखते हुए 1 अप्रैल से सामग्री बांटना शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में राशन कार्डधारक जब कोटेदार की दुकान पहुंचे तो वहां पर ताला लगा मिला। बताया गया कि कोटेदार की सेहत खराब है। उसने मेडिकल लगा दिया है। यहां पर राशन नहीं मिल रहा है। शिवबोधिया, बेटाबाई, चंद्रकली, रामबाई, हीरालाल, चुनबाद आदि ने बताया कि इस समय घर से निकलने पर प्रतिबंध है। पांच किमी दूर कैसे राशन सामग्री लेने जाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव प्रसाद ने बताया कि कोटेदार मेडिकल पर है। ब्यूर गांव में ही व्यवस्था हो पाई है। अन्य कोई विकल्प नहीं है।
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भौंरी कस्बे में भोला प्रसाद मिश्र के नाम पर कोटा है। उसने मेडिकल लगाकर शासन को अवगत करा दिया है। इसके बाद कोटा भाैंरी कस्बे से 5 किमी दूर ब्यूर गांव में कोटेदार शिवदत्त त्रिपाठी से अटैच कर दिया है। शासन ने इस बार कोरोना वायरस को देखते हुए 1 अप्रैल से सामग्री बांटना शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में राशन कार्डधारक जब कोटेदार की दुकान पहुंचे तो वहां पर ताला लगा मिला। बताया गया कि कोटेदार की सेहत खराब है। उसने मेडिकल लगा दिया है। यहां पर राशन नहीं मिल रहा है। शिवबोधिया, बेटाबाई, चंद्रकली, रामबाई, हीरालाल, चुनबाद आदि ने बताया कि इस समय घर से निकलने पर प्रतिबंध है। पांच किमी दूर कैसे राशन सामग्री लेने जाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव प्रसाद ने बताया कि कोटेदार मेडिकल पर है। ब्यूर गांव में ही व्यवस्था हो पाई है। अन्य कोई विकल्प नहीं है।
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