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Chitrakoot News: केन-यमुना उतरीं, रपटों पर अब भी बह रहा पानी

Sun, 06 Sep 2026 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:30 PM IST
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Ken and Yamuna rivers have receded; water is still flowing over the causeways.
फोटो-28-केन नदी में उठतीं लहरें। अमर उजाला
फोटो-28-केन नदी में उठतीं लहरें। अमर उजाला
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-पैलानी तहसील में तीनों नदियों के जलस्तर में गिरावट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा/पैलानी। उफान पर आईं केन और यमुना नदियों का जलस्तर अब तेजी से घटने लगा है। शुक्रवार को केन 102.40 मीटर तक पहुंच गई थी, जो चेतावनी बिंदु 103 मीटर से महज 60 सेंटीमीटर नीचे थी। यमुना भी करीब 95 मीटर तक पहुंच गई थी। शनिवार से दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई। रविवार शाम केन 97.29 मीटर और यमुना 94.57 मीटर पर पहुंच गई।
जलस्तर घटने से प्रशासन और तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि पैलानी तहसील क्षेत्र में कई रपटों पर अब भी पानी बह रहा है। गौरी-अमारा रपटा, पड़ोहरा-नांदादेव रपटा और सिंधनकलां-तुर्री नाला रपटा अभी आवागमन के लिए पूरी तरह नहीं खुल सके हैं। प्रशासन का कहना है कि अगले दो दिन में इन रपटों से पानी उतरने की संभावना है।
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एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि केन, यमुना और चंदावल नदियों का जलस्तर बढ़ने के बजाय तेजी से घट रहा है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए नावों का संचालन लगातार कराया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि गंगऊ बांध से पानी नहीं छोड़े जाने पर केन, चंदावल और यमुना का जलस्तर और घटने की संभावना है। जलस्तर कम होने से रपटों के जल्द खुलने की उम्मीद है। हालांकि तब तक ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों और नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
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बारिश में 16 कच्चे मकान ढहे
लगातार बारिश से विकासखंड जसपुरा के गौरीकलां और मजरा कुम्हरिया डेरा में करीब 16 मजदूर परिवारों के कच्चे मकान ढह गए। मकान गिरने से परिवार बेघर हो गए हैं। पीड़ितों में बल्लू, सुरेश यादव, मइयादीन, कलावती, लल्लू, रामकिशोर, जयराम, महबेरिया, कालका, रतीराम, श्यामकली प्रजापति, रामदुलारी, पिंकी, टिर्रा और विंद्र गोपाल शामिल हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मकानों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ देने की मांग की है।
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