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यात्रा जानकीकुंड व स्फटिक शिला पहुंची
चित्रकूट
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:11 PM IST
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जानकीकुंड के घाट पर मंदाकिनी किनारे स्थापित भगवान हनुमान की मूर्ति।
- फोटो : amarujala
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खोही(चित्रकूट)। चित्रकूट दर्शन यात्रा रविवार को जानकीकुंड, स्फटिक शिला और अनुसुइया आश्रम पहुंची। जहां भगवान राम से जुड़े संस्मरणों की जानकारी हुई।
यात्रा में शामिल टीम के सदस्य सर्वप्रथम मंदाकिनी नदी के सुरम्य तट पर स्थित भगवती जानकी के स्नान करने के स्थान जानकीकुंड पहुंची।
वनवास काल में चित्रकूट प्रवास के दौरान सीता यहीं स्नान किया करती थीं। मंदाकिनी तट पर स्थित चित्रकूट के साधक पंजाबी भगवान के आश्रम से आती सीताराम नाम संकीर्तन की धुन यहां के वातावरण को और भी दिव्य बना देती है। जानकीकुंड से आगे बढ़ते हुए यात्रा स्फटिक शिला पहुंची। राम की मानवीय लीलाओं में से सबसे मधुर लीला की गवाह यह चट्टान यहां आए लोगों को नारी सम्मान का संदेश सुनाती है।
यात्रा में शामिल टीम के सदस्य सर्वप्रथम मंदाकिनी नदी के सुरम्य तट पर स्थित भगवती जानकी के स्नान करने के स्थान जानकीकुंड पहुंची।
वनवास काल में चित्रकूट प्रवास के दौरान सीता यहीं स्नान किया करती थीं। मंदाकिनी तट पर स्थित चित्रकूट के साधक पंजाबी भगवान के आश्रम से आती सीताराम नाम संकीर्तन की धुन यहां के वातावरण को और भी दिव्य बना देती है। जानकीकुंड से आगे बढ़ते हुए यात्रा स्फटिक शिला पहुंची। राम की मानवीय लीलाओं में से सबसे मधुर लीला की गवाह यह चट्टान यहां आए लोगों को नारी सम्मान का संदेश सुनाती है।