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Chitrakoot News: जानकीकुंड में हैं 160 वर्ष पुराने शैवाल जीवाश्म
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चित्रकूट। डीआरआई के आरोग्यधाम परिसर में यूनेस्को जियो पार्क को लेकर चल रही कार्यशाला में दूसरे दिन जियो पार्क बनाने को लेकर जिन स्थानों का चयन किया जाना है। उन स्थानों का निरीक्षण भू वैज्ञानिकों ने किया। वैज्ञानिकोंं ने दावा किया कि जानकीकुंड क्षेत्र में स्ट्रोमेटोलाइट के रूप मेेें लाल शैवाल जीवाश्म हैं, जो लगभग 160 करोड़ वर्ष पुराने हैं।
वैज्ञानिक बेन्नो बोअर, प्रो. मुकुंद शर्र्मा, कौशल शर्मा ने बताया कि कामदगिरि पर्वत बुंंदेलखंड और विंध्य पर्वतमाला के बीच संपर्क उजागर होता है। यह पूरे मध्य भारत में केवल चित्रकूट में पाया जाता है। इसमें टुनटुनिया पहाड़, कालिंजर किला, बृहस्पति कुंड, और रॉक पेंटिंग, साबरी फ ॉल शामिल हैं। जिन्हें जियो पार्क में शामिल करने का प्रस्ताव है। बृहस्पति कुंड के शैल चित्र इस क्षेत्र में प्राचीन मानव गतिविधि का अभिलेख हैं। यह क्षेत्र झरनों का क्षेत्र है। इन्हें देखना एक रोमांचकारी अनुभव होता है।
बांदा जिले के टनटना पहाड़ नैरैनी, अपनी भौगालिग और प्राकृतिक विशेषज्ञों के लिए प्रसिद्ध है। इस यहां के भूर्भीय संरचना व वनस्पतियों, जीवों और पर्यावरण का विश्लेषण किया। जियो पार्क से स्थानीय सांस्कृति धरोहर को भी प्रोत्साहित करता है। स्थानीय निवासियों को रोजगार भी मिलेगा। इस मौके पर डॉ. अनिल साहू, डॉ. आलोक पांंडेय, डॉ. अश्वनी अवस्थी, प्रोफेसर विभूति राय, सृष्टि ,डॉ. राजीव अग्रवाल, प्रो. उदय भान, डॉ. पीपी शर्मा, विमल साहू आदि मौजूद रहे।
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वैज्ञानिक बेन्नो बोअर, प्रो. मुकुंद शर्र्मा, कौशल शर्मा ने बताया कि कामदगिरि पर्वत बुंंदेलखंड और विंध्य पर्वतमाला के बीच संपर्क उजागर होता है। यह पूरे मध्य भारत में केवल चित्रकूट में पाया जाता है। इसमें टुनटुनिया पहाड़, कालिंजर किला, बृहस्पति कुंड, और रॉक पेंटिंग, साबरी फ ॉल शामिल हैं। जिन्हें जियो पार्क में शामिल करने का प्रस्ताव है। बृहस्पति कुंड के शैल चित्र इस क्षेत्र में प्राचीन मानव गतिविधि का अभिलेख हैं। यह क्षेत्र झरनों का क्षेत्र है। इन्हें देखना एक रोमांचकारी अनुभव होता है।
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बांदा जिले के टनटना पहाड़ नैरैनी, अपनी भौगालिग और प्राकृतिक विशेषज्ञों के लिए प्रसिद्ध है। इस यहां के भूर्भीय संरचना व वनस्पतियों, जीवों और पर्यावरण का विश्लेषण किया। जियो पार्क से स्थानीय सांस्कृति धरोहर को भी प्रोत्साहित करता है। स्थानीय निवासियों को रोजगार भी मिलेगा। इस मौके पर डॉ. अनिल साहू, डॉ. आलोक पांंडेय, डॉ. अश्वनी अवस्थी, प्रोफेसर विभूति राय, सृष्टि ,डॉ. राजीव अग्रवाल, प्रो. उदय भान, डॉ. पीपी शर्मा, विमल साहू आदि मौजूद रहे।
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