फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Is there any connection with terrorists, Government is on alert on Home Ministry's letter

Chitrakoot News: कहीं आतंकियों से जुड़ाव तो नहीं, गृह मंत्रालय के पत्र पर शासन अलर्ट

Sat, 17 May 2025 12:49 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 May 2025 12:49 AM IST
विज्ञापन
Is there any connection with terrorists, Government is on alert on Home Ministry's letter
पकड़े गए आरोपी । - फोटो : संवाद
चित्रकूट। गृह मंत्रालय का पत्र आने से चार दिनों से पुलिस, एसटीएफ और एसओजी की टीमों की सक्रियता बढ़ गई थी। फर्जी तरीके से मोबाइल सिम एक्टीवेट कराकर यहां से दिल्ली, बिहार, राजस्थान, पंजाब और जम्मू कश्मीर भेजने की जांच हो रही थी। पुलिस और एसटीएफ को पता चला कि सिम यहां से कई जिलों तक आते-जाते हैं। तीन दिन की रेकी के बाद एसटीएफ को सफलता मिली। अब एसटीएफ और पुलिस यह खंगाल रहे हैं कि कहीं इनके तार आतंकियों से तो नहीं जुड़े हैं।
विज्ञापन

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद गुप्तचर एजेंसियां और गृह मंत्रालय स्थानीय मददगारों की तलाश सरगर्मी से कर रही थीं। इसी बीच गृहमंत्रालय के पत्र ने जिले की पुलिस की नींद उड़ा दी। एसटीएफ की मदद से राजापुर के ओमप्रकाश अग्रहरि डीलर, शिवदयाल निषाद, शिवबाबू, राहुल पांडेय, जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह को पकड़ा। इनके पास से बड़ी संख्या में सिम और मोबाइल के अलावा अन्य जानकारी मिली।
विज्ञापन

बंद काम पर फर्म चालू होने से फंसा डीलर
पकड़े गए आरोपियों में ओमप्रकाश अग्रहरि के नाम सिम की एजेंसी थी। उसने बताया कि वह दो साल से काम बंद कर चुका है, लेकिन उसकी फर्म चालू थी। ऐसे में उसके साथी शिवदयाल आदि ने इसका फायदा उठाया। उसी फर्म के नाम से काम किया। एजेंसी धारक का कहना कि जब पुलिस और एसटीएफ उसके पास पहुंची तक उसे पूरी जानकारी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा मंडल अध्यक्ष का भाई व प्रधान का देवर आरोपी
आरोपियों में सबसे ज्यादा सिम व जानकारी बेराउर निवासी शिवदयाल निषाद के पास मिली है। राजापुर स्थानीय लोगों ने बताया कि वह भाजपा के सरधुवा मंडल के अध्यक्ष शंकर दयाल निषाद का भाई है। उसकी भाभी प्रधान हैं। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने बताया कि शंकरदयाल मंडल अध्यक्ष हैं, लेकिन शिवदयाल उनका सगा भाई नहीं है।

कई बार एसटीएफ व पुलिस के बीच फंसे केस
सात लाख के इनामी डाकू गौरी यादव के काउंटर से लेकर गांजे की बड़ी खेप पकडऩे के कई मामलों में अक्सर जिला पुलिस व एसटीएफ के ज्वांइट ऑपरेशन में एसटीएफ को ही क्रेडिट मिली है। देखने में आता है कि सबसे ज्यादा काम जिला पुलिस करती है, लेकिन श्रेय एसटीएफ को मिलता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी कहते हैं कि यह सब मिलाकर पुलिस के ही अंग हैं। जिसका ऑपरेशन पहले से चलता है उसे ही क्रेडिट मिलती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

आतंकी कनेक्शन की होगी जांच
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन को पुलिस की संयुक्त टीम ने एसटीएफ के नेतृत्व में किया है। आरोपियों के आतंकी गतिविधियों से संलिप्तता की जांच तो हो रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा सामने नहीं आया है। बाकी सब जांच टीम पता कर लेगी। मुख्य रूप से पकड़े गए सभी आरोपियों की दो तीन साल में जीवनशैली में काफी बदलाव आया था।

कही बड़ा अपराधी तो नहीं कर रहहा आपके सिम का इस्तेमाल
राजापुर में फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर साइबर क्राइम करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। इस पर अचानक किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा कि राजापुर क्षेत्र के व्यापार से जुड़े युवक ऐसा भी कर सकते हैं। कई को डर सताने लगा है कि उनके नाम की सिम को बड़ा अपराधी इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है।
यूपी एसटीएफ लखनऊ की टीम ने चित्रकूट पुलिस की मदद से अनाधिकृत तरीके से सिम कार्ड एक्टिव करके साइबर क्राइम करने वाले छह युवकों को पकड़ा है। आरोप है कि फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर ऊंचे दामों में अपराधियों को बेचते हैं।


-इनसेट
पहले भी डकैतों तक पहुंचते रहे सिम
जिले में कुख्यात डकैतों के पास तक कुछ इसी तरह के सिम पहुंचते रहे थे। दस साल पहले डाकू बबुली व डाकू लवलेश के पास दस सिम बरामद हुए थे। इसमें पता चला था कि सतना व मानिकपुर की दुकानों से सिम फर्जी तरीके से लेकर गुर्गों ने वहां पहुंचाए थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed