{"_id":"5de7f1598ebc3e549b507a2f","slug":"increased-eagerness-to-know-about-sword-and-vessel-chitrakutt-news-knp5301162152","type":"story","status":"publish","title_hn":"तलवार व बर्तन के बारे में जानने की बढ़ी उत्सुकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तलवार व बर्तन के बारे में जानने की बढ़ी उत्सुकता
विज्ञापन
चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी के प्राचीन हनुमानधारा के पास बनी एक बावली की सफाई के दौरान मंगलवार को दीवार तोड़ने से उसके अदंर से 30 प्राचीन तलवारें व विभिन्न धातुओं के 32 बर्तन मिले थे। जिनको जाने लिए उत्सकुता बनी रही कि आखिर यह किस काल की तलवारें व बर्तन हैं। वहीं इस बात की जानकारी देने के लिए नगर पंचायत के अधिकारी रामशंकर शुक्ला मप्र सतना के जिलाधिकारी से मिलने के लिए बुधवार को गए हैं।
धर्मनगरी के हनुमान धारा के पास स्थित एक प्राचीन बावली बनी है। जिसके अंदर जलाशय व कमरे बने हैं। यह स्थान मप्र नया गांव पंचायत के वार्ड 7 पर आता है। जिसके सभासद बाबू भाई ने नगर पंचायत अधिकारी से सफाई करने की मांग की थी। जिससे मंगलवार को इसकी सफाई कराई जा रही। इसी दौरान एक दिवार तोड़ने से उसके अंदर से प्राचीन 30 तलवारें व 32 विभिन्न धातुओं के बर्तन मिले थे। जिसको जानने को लेकर क्षेत्र के निवासियों में उत्सुकता देखी जा रही है।
बावली में कई राज हो सकते छुपे
चित्रकूट। हनुमानघारा के पास बनी प्राचीन बावली में कई राज अंदर छुपे हो सकते हैं। इसके लिए आगे चलकर इसकी सफाई व खुदाई कराई जा सकती हैं। नगर पंचायत के अधिकारी रमाशंकर का कहना कि अधिकारियों के निर्णय के बाद ही आगे कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
मराठाकालीन हो सकती तलवारें
चित्रकूट। महात्मागांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पुरातात्विक इतिहास विभाग के प्रो. डा त्रिभुन सिंह ने बताया कि बावली उस स्थान को कहते है जहां पर जलाशय की व्यवस्था के साथ साथ रुकने की व्यवस्था भी होती थी। प्राचीन काल में इसका निर्माण राजा महाराज करते थे। उन्होंने बताया कि मिलीं तलवारें व बर्तनोें का अभी उन्होंने परीक्षण नहीं किया लेकिन इस क्षेत्र में मराठाकालीन राजा रहते थे। उनकी तलवारें हो सकती या मुगलकालीन तलवारें हो सकती हैं। इसकी सच्चाई देखने के बाद ही पता चलेगी।
विज्ञापन
धर्मनगरी के हनुमान धारा के पास स्थित एक प्राचीन बावली बनी है। जिसके अंदर जलाशय व कमरे बने हैं। यह स्थान मप्र नया गांव पंचायत के वार्ड 7 पर आता है। जिसके सभासद बाबू भाई ने नगर पंचायत अधिकारी से सफाई करने की मांग की थी। जिससे मंगलवार को इसकी सफाई कराई जा रही। इसी दौरान एक दिवार तोड़ने से उसके अंदर से प्राचीन 30 तलवारें व 32 विभिन्न धातुओं के बर्तन मिले थे। जिसको जानने को लेकर क्षेत्र के निवासियों में उत्सुकता देखी जा रही है।
विज्ञापन
बावली में कई राज हो सकते छुपे
चित्रकूट। हनुमानघारा के पास बनी प्राचीन बावली में कई राज अंदर छुपे हो सकते हैं। इसके लिए आगे चलकर इसकी सफाई व खुदाई कराई जा सकती हैं। नगर पंचायत के अधिकारी रमाशंकर का कहना कि अधिकारियों के निर्णय के बाद ही आगे कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
मराठाकालीन हो सकती तलवारें
चित्रकूट। महात्मागांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पुरातात्विक इतिहास विभाग के प्रो. डा त्रिभुन सिंह ने बताया कि बावली उस स्थान को कहते है जहां पर जलाशय की व्यवस्था के साथ साथ रुकने की व्यवस्था भी होती थी। प्राचीन काल में इसका निर्माण राजा महाराज करते थे। उन्होंने बताया कि मिलीं तलवारें व बर्तनोें का अभी उन्होंने परीक्षण नहीं किया लेकिन इस क्षेत्र में मराठाकालीन राजा रहते थे। उनकी तलवारें हो सकती या मुगलकालीन तलवारें हो सकती हैं। इसकी सच्चाई देखने के बाद ही पता चलेगी।