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Chitrakoot News: ऐसे तो बंदी की कगार पर पहुंच जाएंगे औषधि केंद्र

Tue, 18 Nov 2025 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 18 Nov 2025 11:45 PM IST
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In this way, the medicine centers will be on the verge of closure.
चित्रकूट। जिले में 15 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र हैं, लेकिन मरीजों को इससे लाभ बहुत कम मिल रहा है। यह बात खुद केंद्र संचालक भी मानते हैं। स्थिति यह है कि दो तीन केंद्र बंद होने की कगार पर हैं। जिला अस्पताल समेत जिले के अन्य सीएचसी सेंटरों में स्थापित दन औषधि केंद्र नाममात्र के दवा केंद्र बनकर रह गए हैं। जिला अस्पताल के अलावा रामनगर, मानिकपुर, रैपुरा, राजापुर, पहाड़ी, शिवरामपुर और दो प्राइवेट जन औषधि केंद्र खुले हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के पांच अलग केंद्र भी जिले में संचालित हैं। मानिकपुर निवासी मरीज अजय कुमार ने बताया कि वह इलाज करने पहुंचे तो उन्हें बाहर की दवा लिखी गई। जन औषधि केंद्र संचालक अभिषेक सिंह बताते हैं कि डॉक्टरों का सहयोग नहीं मिलता है। इससे ज्यादातर केंद्र घाटे में भी चल रहे हैं। दो तीन केंद्र तो अगले सीजन तक बंद करने पड़ जाएंगे। सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी बताते हैं कि ज्यादातर अस्पतालों में ही सारी दवाएं मिलती हैं। बाहर से दवा लिखना मना है। जो दवा अस्पताल में नहीं होती तो उसे डॉक्टर जन औषधि केंद्र से ही लिखी जाती है। (संवाद)
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