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अब्बास अंसारी के मामले में एसपी और सीओ ने की नियमों की अनदेखी : कोर्ट

Thu, 31 Jul 2025 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 11:50 PM IST
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In Abbas Ansari's case, SP and CO ignored the rules: Court
चित्रकूट। माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे पूर्व विधायक अब्बास अंसारी के मामले में गैंगस्टर कोर्ट में चल रहे मुकदमे में पुलिस की कार्यशैली पर विशेष न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने नाराजगी जताई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकमल और अभियोजन पक्ष की कार्यशैली को लापरवाही करार दिया। साथ ही इसके लिए न्यायालय के आदेश की काॅपी के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को भेजने के लिए कहा है। सदर कोतवाल को इस मामले में 18 अगस्त को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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पूर्व विधायक अब्बास अंसारी गाजीपुर के माफिया रहे मुख्तार अंसारी का बेटा है। इसके विरुद्ध कर्वी कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। इस मामले में अब्बास के अधिवक्ता का कहना था कि गैंगस्टर नियमों का अनुपालन किए बिना मात्र एक मुकदमे के आधार पर अब्बास अंसारी पर गैंगस्टर लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में बात रखी गई थी। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बात सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने गैंगस्टर एक्ट नियमावली, उच्चतम न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों तथा सुसंगत विधिक प्रावधानों एवं शासनादेशों का अनुपालन जानबूझकर अभियुक्त अब्बास अंसारी को अभियोजन की कमियों का लाभ देने के उद्देश्य से नहीं किया है। इसी प्रकार क्षेत्राधिकारी राजकमल ने भी इस मामले में उचित रीति से पर्यवेक्षण नहीं किया है और न ही अभियोजन द्वारा अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वाह किया है।
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आदेश में न्यायाधीश ने बताया कि इससे यह प्रतीत होता है कि यह विधि विरुद्ध कार्य इन प्राधिकारियों द्वारा जानबूझकर अभियुक्त अब्बास अंसारी को अभियोजन की कमियों का लाभ देने के उद्देश्य से किया गया है। जो दंडनीय अपराध की भी श्रेणी में आता है। लोक सेवकों की लापरवाही के कारण सरकार पर अनावश्यक रूप से मुदकमो का बोझ बढ़ता है और राजस्व की भी क्षति होती है। ऐसे में इस न्यायिक आदेश की एक प्रति डीजीपी और उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव समेत एडीजी प्रयागराज जोन को भी भेजी जाए।
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गौरतलब है कि चित्रकूट जेल में पूर्व विधायक के गैर कानूनी तरीके से पकड़े जाने व उसकी मदद करने वाले सपा नेता फराज खान, नवनीत सचान, नियाज़ अंसारी और शाहबाज आलम खान सहित पांच लोगों के खिलाफ गैंग संचालित करने के आरोप में कर्वी कोतवाली पुलिस में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था।
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