फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Improve ranking in problem solving

समस्या निस्तारण में बेहतर बनाएं रैंकिंग

Mon, 28 Jun 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 11:21 PM IST
विज्ञापन
Improve ranking in problem solving
चित्रकूट। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों के निस्तारण के संबंध में बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। शासन से लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है।
विज्ञापन

सोमवार को बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, पीजी पोर्टल, ई डिस्ट्रिक, ऑनलाइन संदर्भ, तहसील समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस, जन सुनवाई, ऑफलाइन संदर्भ आदि की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विभागों के आईजीआरएस के संदर्भ में डिफाल्टर व लंबित हैं उनको शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए।
विज्ञापन

बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, उप जिलाधिकारी मऊ नवदीप शुक्ला, राजापुर राजबहादुर, मानिकपुर संगमलाल, अपर उप जिलाधिकारी प्रमेश श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्रा, उप निदेशक कृषि टीपी शाही, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पोषण संवर्धन अभियान एक जुलाई से
चित्रकूट। जनपद में कुपोषण की रोकथाम के लिए विशेष अभियान संभव पोषण संवर्धन की ओर एक कदम जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। गांधी जयंती तक चलने वाले तीन माह के इस अभियान में सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन वाले बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि एक जुलाई से दो अक्टूबर तक चलने वाले विशेष अभियान संभव पोषण संवर्धन का सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन वाले बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना मुख्य मकसद है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन वाले बच्चों कि लिस्टिंग करते हुए उनके अभिभावकों को बच्चों की पोषण श्रेणी के बारे में अवगत कराएंगी। इनमें सैम बच्चों के अभिभावकों को जटिलता के लक्षण बुखार उल्टी दस्त निमोनिया भूख न लगना झटके आना से भी अवगत कराएंगे ताकि किसी भी समय यदि परिवार या फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य इकाई या पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान की समाप्ति पर पोषण की श्रेणी में आए हुए बदलाव का फिर से आंकलन किया जाएगा। इसके बाद जनपद से तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, तीन मुख्य सेविकाओं और तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed