{"_id":"68a4c1c84b726fc0f507932e","slug":"hunger-strike-ended-on-assurance-of-payment-of-dues-chitrakoot-news-c-215-1-sknp1043-119465-2025-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: बकाया भुगतान के आश्वासन पर खत्म की भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: बकाया भुगतान के आश्वासन पर खत्म की भूख हड़ताल
विज्ञापन
चित्रकूट। निलंबन के दौरान एक वर्ष के वेतन का भुगतान व सातवें वेतन आयोग के आधार पर वेतन बढ़ोत्तरी कराने के लिए सफाई कर्मी भूख हड़ताल पर बैठ गया था। देर शाम डीपीआरओ ने भुगतान कराने का आश्वासन देकर अनशन खत्म करा दिया।
पहाड़ी ब्लाॅक क्षेत्र के कलवारा बुजुर्ग गांव निवासी बृजजीवन लाल पत्नी व पुत्री के साथ विकास भवन परिसर में भूख हड़ताल पर बैठा है। मंगलवार को अनशन स्थल पर उसने बताया कि 28 जुलाई 2014 को प्रधान की मंशानुरूप सुविधा शुल्क न देने पर अधिकारियों से मिलीभगत कर निलंबित कर दिया गया। मान मनौव्वल के बाद 27 अप्रैल 2015 को बहाल कर पुराना वेतन 27 हजार मिलने लगा। निलंबन के दौरान लगभग एक वर्ष का वेतन व छठवें, सातवें वेतन आयोग के साथ वेतन बढ़ोत्तरी नहीं की गई। न ही बकाया एक वर्ष का भुगतान मिल रहा।
सीडीओ अमृतपाल कौर ने बताया कि निलंबन के बाद से सफाईकर्मी का जो भी बकाया था उसका नियमानुसार भुगतान बनाने के लिए डीपीआरओ को कहा गया। यह सफाईकर्मी कई माह तक काम पर नहीं आया था तो उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी। फिलहाल उसका जो भी बकाया है उसका चेक बनाकर देने के लिए डीपीआरओ केा कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहाड़ी ब्लाॅक क्षेत्र के कलवारा बुजुर्ग गांव निवासी बृजजीवन लाल पत्नी व पुत्री के साथ विकास भवन परिसर में भूख हड़ताल पर बैठा है। मंगलवार को अनशन स्थल पर उसने बताया कि 28 जुलाई 2014 को प्रधान की मंशानुरूप सुविधा शुल्क न देने पर अधिकारियों से मिलीभगत कर निलंबित कर दिया गया। मान मनौव्वल के बाद 27 अप्रैल 2015 को बहाल कर पुराना वेतन 27 हजार मिलने लगा। निलंबन के दौरान लगभग एक वर्ष का वेतन व छठवें, सातवें वेतन आयोग के साथ वेतन बढ़ोत्तरी नहीं की गई। न ही बकाया एक वर्ष का भुगतान मिल रहा।
विज्ञापन
सीडीओ अमृतपाल कौर ने बताया कि निलंबन के बाद से सफाईकर्मी का जो भी बकाया था उसका नियमानुसार भुगतान बनाने के लिए डीपीआरओ को कहा गया। यह सफाईकर्मी कई माह तक काम पर नहीं आया था तो उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी। फिलहाल उसका जो भी बकाया है उसका चेक बनाकर देने के लिए डीपीआरओ केा कहा गया।
विज्ञापन