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कलक्ट्रेट भवन के सामने कार्यबहिष्कार कर सैकड़ों शिक्षकों का धरना
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फोटो-6- कलक्ट्रेट परिसर के पास धरने पर बैठे शिक्षकों को संबोधित करते शिक्षक नेता। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। पेंशनर अधिकार मंच के बैनर तले शिक्षकों ने पुरानी पेंशन और हाल ही में निलंबित शिक्षकों की बहाली की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। कलक्ट्रेट परिसर में प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष की अगुवाई में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
गुरुवार को जुलूस निकाल कर सैकड़ों की संख्या में शिक्षक डीएम कार्यालय के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठे। जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय की अध्यक्षता में पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीन घंटे तक चले धरने के बाद शिक्षकों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि राज्य के लगभग 30 लाख कर्मचारी पुरानी पेंशन की लगातार मांग कर रहे हैं।
मांगें पूरी न होने पर 30 नवंबर को राज्य स्तरीय रैली लखनऊ में निकाली जाएगी। एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा वेतन विसंगतियां दूर करने, हाल ही में जिले में निलंबित किए गए शिक्षकों की बहाली, राज्य कर्मचारियों को 8, 16, 24 वर्षों की सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिलाने की मांग की गई।
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धरना-प्रदर्शन को मिला समर्थन
शिक्षकों के प्रदर्शन व धरने को राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद, कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच और आंगनबाडी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का भी समर्थन मिला। इस मौके पर संरक्षक वीरेंद्र कुमार द्विवेदी, संयोजक राघवेंद्र मिश्रा, प्रधान महासचिव अजय पांडेय, आलोक गर्ग, राजेश पांडेय, ऊषा द्विवेदी, अशोक यादव, हरिशंकर तिवारी, अशोक वर्मा, राजभर त्रिपाठी, लवलेश सिंह आदि शिक्षक, कर्मचारी मौजूद रहे।
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गुरुवार को जुलूस निकाल कर सैकड़ों की संख्या में शिक्षक डीएम कार्यालय के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठे। जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय की अध्यक्षता में पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीन घंटे तक चले धरने के बाद शिक्षकों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि राज्य के लगभग 30 लाख कर्मचारी पुरानी पेंशन की लगातार मांग कर रहे हैं।
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मांगें पूरी न होने पर 30 नवंबर को राज्य स्तरीय रैली लखनऊ में निकाली जाएगी। एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा वेतन विसंगतियां दूर करने, हाल ही में जिले में निलंबित किए गए शिक्षकों की बहाली, राज्य कर्मचारियों को 8, 16, 24 वर्षों की सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिलाने की मांग की गई।
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धरना-प्रदर्शन को मिला समर्थन
शिक्षकों के प्रदर्शन व धरने को राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद, कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच और आंगनबाडी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का भी समर्थन मिला। इस मौके पर संरक्षक वीरेंद्र कुमार द्विवेदी, संयोजक राघवेंद्र मिश्रा, प्रधान महासचिव अजय पांडेय, आलोक गर्ग, राजेश पांडेय, ऊषा द्विवेदी, अशोक यादव, हरिशंकर तिवारी, अशोक वर्मा, राजभर त्रिपाठी, लवलेश सिंह आदि शिक्षक, कर्मचारी मौजूद रहे।