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आयुर्वेदिक पद्धति ही कोरोना से करेगी बचाव
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खोही (चित्रकूट)। आयुर्वेद से कोरोना से बचाव के लिए महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने आनलाइन सेमिनार का आयोजन किया। शुभारम्भ मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लालजी टंडन ने किया।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना से निजात दिलाने का स्थाई समाधान भारत की संस्कृति व आयुर्वेद पद्धति से निकलेगा। आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतिर और हमारे चिकित्सक ऋषि मुनि चरक व सुश्रुत जैसे महर्षियों के बताए रास्ते पर चलकर ही स्वास्थ्य व कल्याण मार्ग प्रशस्त होगा।
इस चिकित्सा पद्धति को मनोयोग से अपनाएं। औषधीय तत्वों के ज्ञान को संरक्षित करने व लुप्त हो रहे ज्ञान के संरक्षण की जरूरत है। भारत आयुष पद्धितियों के प्रभावकारी फल प्राप्त करने के स्वयं के अनुभव भी उन्होंने साझा किए।
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सेमीनार में भारत सरकार आयुष मंत्रालय के सचिव पद्यश्री डॉ. राजेश कोटेचा ने बताया कि प्रथम चरण में आयुष मंत्रालय ने आरोग्य काढेे़ से डेढ़ करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया। परंपरागत ज्ञान और औषधियों के संयोजन से मंत्रालय ने आयुष संजीवनी ऐप तैयार किया है।
भारतीय चिकित्सा पद्धति से शोध करने के लिए 60 से अधिक जगहों पर शोध कार्य संपन्न किए गए। महात्मागांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति नरेश चंद्र गौतम ने राज्यपाल के प्रति अभार जताया। सेमीनार में सीसीआरएस के महानिदेशक प्रो. के एस धीमान, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव डा अभय महाजन, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा अशोक वार्ष्णेय ने प्रतिभाग किया।
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राज्यपाल ने कहा कि कोरोना से निजात दिलाने का स्थाई समाधान भारत की संस्कृति व आयुर्वेद पद्धति से निकलेगा। आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतिर और हमारे चिकित्सक ऋषि मुनि चरक व सुश्रुत जैसे महर्षियों के बताए रास्ते पर चलकर ही स्वास्थ्य व कल्याण मार्ग प्रशस्त होगा।
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इस चिकित्सा पद्धति को मनोयोग से अपनाएं। औषधीय तत्वों के ज्ञान को संरक्षित करने व लुप्त हो रहे ज्ञान के संरक्षण की जरूरत है। भारत आयुष पद्धितियों के प्रभावकारी फल प्राप्त करने के स्वयं के अनुभव भी उन्होंने साझा किए।
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सेमीनार में भारत सरकार आयुष मंत्रालय के सचिव पद्यश्री डॉ. राजेश कोटेचा ने बताया कि प्रथम चरण में आयुष मंत्रालय ने आरोग्य काढेे़ से डेढ़ करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया। परंपरागत ज्ञान और औषधियों के संयोजन से मंत्रालय ने आयुष संजीवनी ऐप तैयार किया है।
भारतीय चिकित्सा पद्धति से शोध करने के लिए 60 से अधिक जगहों पर शोध कार्य संपन्न किए गए। महात्मागांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति नरेश चंद्र गौतम ने राज्यपाल के प्रति अभार जताया। सेमीनार में सीसीआरएस के महानिदेशक प्रो. के एस धीमान, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव डा अभय महाजन, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा अशोक वार्ष्णेय ने प्रतिभाग किया।