{"_id":"5e7e30718ebc3e72bf407e90","slug":"health-chitrakutt-news-knp5526229154","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानकीकुड अस्पताल से सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौट रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानकीकुड अस्पताल से सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौट रहे
विज्ञापन
health
- फोटो : CHITRAKUTT
खोही। जिले की सीमा पर स्थित धर्मनगरी के मप्र क्षेत्र के सदगुरू सेवा संघ से संचालित जानकीकुड अस्तपाल में मात्र इमरजेंसी मरीजों को ही देखा जा रहा है। इससे अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग गेट के बाहर ही बैठे रहते हैं। जब अस्पताल के अंदर नहीं जाने दिया जाता तो लौट जाते हैं।
जानकीकुंड अस्पताल जो आंखों के आपरेशन सहित कई बीमारियों के इलाज के लिए प्रसिद्ध है। हजारों मरीज दूर-दूर से आते हैं। अस्पताल में इस समय इमरजेंसी मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है। प्रसव के मरीज भी देखे जा रहे हैं।
अन्य बीमारियों का इलाज बंद होने से अस्पताल पहुंच रहे सैकड़ों मरीजों को गेट के अंदर नहीं जाने दिया जाता तो निराश होकर लौट जाते हैं। नया गांव की राजरानी, पथरापाल देव की रानीदेवी ने बताया कि बुखार के कारण अस्पताल में दिखाने आई हैं।
विज्ञापन
अस्पताल कर्मचारी कहते हैं कि अस्पताल में मात्र इमरजेंसी वाले मरीजों को ही देखा जाता है। अन्य मरीजों का इलाज नहीं किया गया। इससे सैकड़ों लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जानकीकुंड अस्पताल जो आंखों के आपरेशन सहित कई बीमारियों के इलाज के लिए प्रसिद्ध है। हजारों मरीज दूर-दूर से आते हैं। अस्पताल में इस समय इमरजेंसी मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है। प्रसव के मरीज भी देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन
अन्य बीमारियों का इलाज बंद होने से अस्पताल पहुंच रहे सैकड़ों मरीजों को गेट के अंदर नहीं जाने दिया जाता तो निराश होकर लौट जाते हैं। नया गांव की राजरानी, पथरापाल देव की रानीदेवी ने बताया कि बुखार के कारण अस्पताल में दिखाने आई हैं।
विज्ञापन
अस्पताल कर्मचारी कहते हैं कि अस्पताल में मात्र इमरजेंसी वाले मरीजों को ही देखा जाता है। अन्य मरीजों का इलाज नहीं किया गया। इससे सैकड़ों लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है।