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लापरवाही की भेंट चढ़ी मासूम: इंजेक्शन लगते ही बच्ची की हुई मौत, जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित, चार निलंबित

Tue, 13 Dec 2022 03:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Tue, 13 Dec 2022 03:15 PM IST
सार

जिला अस्पताल में एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से नौ माह की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाया गया है। सीएमएस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। साथ ही, मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया गया है।

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Child dies after being injected in Chitrakoot district hospital, four suspended
मृतक बच्ची और रोते हुए परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चित्रकूट जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार सुबह निमोनिया से पीड़ित नौ माह की बच्ची की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालात संभालने के लिए सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंचे।

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उधर, लापरवाही के आरोप में सीएमएस ने चार स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। इसके अलावा जांच के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। दवा स्टोर इंचार्ज को भी हटा दिया गया है।
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बदौसा बांदा के जमुनिया हाल मुकाम शंकर बाजार के शंकरगंज मोहल्ला निवासी धनेश श्रीवास्तव की बेटी शिवांगी को निमोनिया होने पर रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मां राधा देवी ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ के उपचार के बाद उसकी हालत कुछ सुधरी, तो रात में घर ले गए।

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सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उसे इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टर व स्टाफ ने इंजेक्शन लगाने की बात कही। परिजनों ने बताया कि जो इंजेक्शन वहां रखा था, वह अप्रैल 2022 का था। विरोध किया तो स्टाफ ने अंदर से दवा लाने की बात कही, लेकिन सीरिंज में एक्सपायरी इंजेक्शन ही भरकर लगा दिया।

इंजेक्शन लगते ही बच्ची का शरीर अकड़ने लगा और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान और भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

सीएमएस डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। उन्होेंने तत्काल प्रभाव से चार स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित करते हुए डॉक्टर संतोष के खिलाफ कार्रवाई के लिए लखनऊ महानिदेशक को पत्र लिखा है।

दवा स्टोर इंचार्ज अशोक सिंह को हटाकर अमर सिंह को नियुक्त किया है। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी हर्ष पांडेय, कोतवाल एके मिश्रा ने इंजेक्शन को कब्जे में ले लिया है। बच्ची के शव का दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। हालांकि इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बच्ची के पिता प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।

सीएमएस बोले-स्टाफ ने बरती लापरवाही, डीएम ने मांगी रिपोर्ट
सीएमएस ने बताया, प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर फार्मासिस्ट धर्मेंद्र मिश्रा, राममिलन, वार्ड ब्वाय अवधेश को निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मी कुलदीप की सेवा समाप्ति कर दी गई है।

डॉ. वंदना, एसीएमओ डॉ. आजाद, डॉ. आरबी लाल का पैनल दो दिन में जांच कर रिपोर्ट पेश करेगा। उधर, डीएम अभिषेक आनंद ने भी जिला अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। बच्ची के परिजनों ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

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