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बढ़ते दबाव के कारण गौरी गैंग का जल्द होगा खात्मा
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चित्रकूट। पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग टूट चुका है। पुलिस से बचने के लिए रोजाना ठिकाने बदल रहा है। लोगों का कहना है कि वह बीमार भी हो गया है लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसकी कोई पुष्टि नहीं है। पुलिस टीम यूपी-एमपी बार्डर पर सक्रिय होकर जंगल आने जाने वालों पर कड़ी नजर रख रही है।
साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग ने जब से वनकर्मियों को पीटकर पौधरोपण के कार्य में रोक लगाई है। तभी से पुलिस उसके पीछे पड़ गई। आईजी के सत्यनारायणा ने खुद कई बार कमान संभाल कर जंगल में गैंग की तलाश किया। कुछ दिन पहले बहिलपुरवा थाना पुलिस ने गौरी गैंग के बदमाशों को पकड़ने में कामयाब हुई थी। जिसमेें वनकर्मियों को पीटने व कार्य रुकवाने में इनका हाथ बताया गया। इसके बाद गौरी यादव गैंग की संख्या कम हो गई। चर्चा है कि जंगल को छोड़कर रिश्तेदारों व शरण देने वालों के घरों में अधिकतर समय पनाह लिये रहता है। मप्र क्षेत्र मेें अधिक समय व्यतीत करता है। कहा जाता है कि इसको मप्र के कई गांव में आज भी शरण मिलती है। जिससे पुलिस इसके पास पहुंच नहीं सकी।
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू को पकड़ने के लिए जंगल में रोजाना कांबिंग की जाती है। गैंग के कुछ सदस्यों को पकड़ा भी जा चुका है। गैंग की कमर टूट चुकी है। जल्द ही उसे भी दबोचा जाएगा।
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साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग ने जब से वनकर्मियों को पीटकर पौधरोपण के कार्य में रोक लगाई है। तभी से पुलिस उसके पीछे पड़ गई। आईजी के सत्यनारायणा ने खुद कई बार कमान संभाल कर जंगल में गैंग की तलाश किया। कुछ दिन पहले बहिलपुरवा थाना पुलिस ने गौरी गैंग के बदमाशों को पकड़ने में कामयाब हुई थी। जिसमेें वनकर्मियों को पीटने व कार्य रुकवाने में इनका हाथ बताया गया। इसके बाद गौरी यादव गैंग की संख्या कम हो गई। चर्चा है कि जंगल को छोड़कर रिश्तेदारों व शरण देने वालों के घरों में अधिकतर समय पनाह लिये रहता है। मप्र क्षेत्र मेें अधिक समय व्यतीत करता है। कहा जाता है कि इसको मप्र के कई गांव में आज भी शरण मिलती है। जिससे पुलिस इसके पास पहुंच नहीं सकी।
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पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू को पकड़ने के लिए जंगल में रोजाना कांबिंग की जाती है। गैंग के कुछ सदस्यों को पकड़ा भी जा चुका है। गैंग की कमर टूट चुकी है। जल्द ही उसे भी दबोचा जाएगा।
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