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Chitrakoot News: मंदाकिनी नदी की तलहटी से बाहर निकाला कचरा
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मंदाकिनी की सफाई करते मंत्री व अन्य।
- फोटो : संवाद
चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के मां मंदाकिनी नदी को निर्मल व अविरल बनाने के लिए चल रहे अभियान में सोमवार को चित्रकूट उप्र व मप्र के प्रभारी मंत्रियों ने सहभागिता की। मप्र के नगरीय विकास मंत्री ने नदी में उतरकर स्वच्छता अभियान में सहयोग किया। सभी जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने मंदाकिनी नदी की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। साथ ही श्रद्धालुओं व आमजनमानस को नदी को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया।
भरत घाट में चलाए गए सफाई अभियान में नदी के तलहटी में जमा घास और मलबे को निकालकर उचित निस्तारण किया गया। उप्र सरकार के राज्यमंत्री व चित्रकूट के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी)ने नदी सफाई अभियान में सहयोग कर अभियान को अच्छा प्रयास बताया। मप्र के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति की संवाहक और जीवनदायिनी हैं। उनका संरक्षण एवं संवर्धन करना प्रत्येक संवेदनशील नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। मप्र राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि सामूहिक श्रमदान से सभी लोगो में जागरूकता पैदा होगी और नदियों को साफ स्वच्छ रखने का संदेश भी जायेगा।
दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि सभी लोगों को व्यवहारिक दृष्टि से संकल्प लेना होगा कि नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर दो-तीन वर्षों तक उनकी देख-रेख करें, ऐसा करके निश्चित रूप से अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डाॅ. मोहन नागर, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय, अनिल जायसवाल, कमिश्नर रीवा बीएस जामोद, डीआईजी रीवा गौरव राजपूत, डीएम सतना डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक सतना आशुतोष गुप्ता, एसडीएम चित्रकूट जितेंद्र वर्मा, रमेश सिंह ने भी श्रमदान किया।
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सफाई नहीं हो रही राजनीति, सिर्फ खिंचवाई जा रही फोटो
जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी अर्चना उपाध्याय ने मंदाकिनी नदी की सफाई के कार्य को अच्छा कदम बताया, लेकिन कहा कि सिर्फ दिखावे व राजनीति के लिए यह सही नहीं है। इन दिनों उप्र व मप्र के कई मंत्री दिखावे के लिए नदी किनारे खड़े होकर मंदाकिनी की सफाई करने का दावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि यहां से हटते ही यह सब भूल जाते हैं। रामघाट से लेकर परिक्रमा मार्ग तक किसी स्थान पर बड़े डस्टबिन नहीं हैं। इससे गंदगी सड़क पर रहती है। इसके बाद वहीं गंदगी सफाई कार्य के दौरान नदी में जाती है। मंदाकिनी में गिर रहे नालों की इन मंत्रियों को चिंता नहीं है।
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भरत घाट में चलाए गए सफाई अभियान में नदी के तलहटी में जमा घास और मलबे को निकालकर उचित निस्तारण किया गया। उप्र सरकार के राज्यमंत्री व चित्रकूट के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी)ने नदी सफाई अभियान में सहयोग कर अभियान को अच्छा प्रयास बताया। मप्र के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति की संवाहक और जीवनदायिनी हैं। उनका संरक्षण एवं संवर्धन करना प्रत्येक संवेदनशील नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। मप्र राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि सामूहिक श्रमदान से सभी लोगो में जागरूकता पैदा होगी और नदियों को साफ स्वच्छ रखने का संदेश भी जायेगा।
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दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि सभी लोगों को व्यवहारिक दृष्टि से संकल्प लेना होगा कि नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर दो-तीन वर्षों तक उनकी देख-रेख करें, ऐसा करके निश्चित रूप से अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डाॅ. मोहन नागर, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय, अनिल जायसवाल, कमिश्नर रीवा बीएस जामोद, डीआईजी रीवा गौरव राजपूत, डीएम सतना डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक सतना आशुतोष गुप्ता, एसडीएम चित्रकूट जितेंद्र वर्मा, रमेश सिंह ने भी श्रमदान किया।
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सफाई नहीं हो रही राजनीति, सिर्फ खिंचवाई जा रही फोटो
जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी अर्चना उपाध्याय ने मंदाकिनी नदी की सफाई के कार्य को अच्छा कदम बताया, लेकिन कहा कि सिर्फ दिखावे व राजनीति के लिए यह सही नहीं है। इन दिनों उप्र व मप्र के कई मंत्री दिखावे के लिए नदी किनारे खड़े होकर मंदाकिनी की सफाई करने का दावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि यहां से हटते ही यह सब भूल जाते हैं। रामघाट से लेकर परिक्रमा मार्ग तक किसी स्थान पर बड़े डस्टबिन नहीं हैं। इससे गंदगी सड़क पर रहती है। इसके बाद वहीं गंदगी सफाई कार्य के दौरान नदी में जाती है। मंदाकिनी में गिर रहे नालों की इन मंत्रियों को चिंता नहीं है।