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Chitrakoot News: तरौंहा में बाढ़ ने मचाई तबाही, 100 से अधिक घरों की गृहस्थी बर्बाद
Mon, 31 Aug 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:07 AM IST
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फोटो 30 सीकेटीपी 27 तरौंहा रास्ते में कीचड़ से निकलते लोग। संवाद
अनूप दुबे
चित्रकूट। मंदाकिनी की बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही शहर के तरौंहा मोहल्ले में हुई है।
जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली गली के किनारे बने दो सौ से अधिक घरों में से 100 से अधिक घर डूब गए थे। दो मंजिला मकानों की दूसरी मंजिल तक पानी भर गया। दुकानों और घरों में गृहस्थी बर्बाद हो गई। दूसरे दिन लोग घरों में भरे कीचड़ की सफाई में जुटे रहे।
इस बस्ती में दो दिन से बिजली और जलापूर्ति दोनों बंद है। बाढ़ का पानी कच्ची छावनी, डोडिया टोला और चिकवा मोहल्ला में भी घरों के अंदर घुस गया। शंकरगंज में भी कई घरों में पानी घुसा। इसके साथ ही वाटर पार्क भी जलमग्न हो गया।
तरौंहा निवासी अर्जुन ने बताया कि उनकी किराना की दुकान थी। पूरा सामान पानी में भीग कर बर्बाद हो गया। लाखों का नुकसान हुआ है। जनसेवा केंद्र संचालक चंदन सोनी ने कहा कि दुकान में पानी घुसने से कंप्यूटर, प्रिंटर और जरूरी कागजात सब खराब हो गए। मूर्तिकार शेष प्रजापति ने बताया कि नवरात्र के लिए 10 से अधिक दुर्गा मूर्तियां बनाई थीं। पानी में भीगने से सारी मूर्तियां गल गईं।
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काजू, गुलाम, साबुद्दीन, कादिर खान और मूलचंद्र ने बताया कि दो मंजिला घर के अंदर तक पानी आ गया था। छत पर चढ़कर जान बचाई। घरों में इतनी गंदगी और कीचड़ है कि अंदर घुसना मुश्किल है। वहीं शंकरगंज के राजेंद्र कुमार ने बताया, मोहल्ले के करीब आठ घरों में पानी भर गया था। इसके बाद सदर विधायक अनिल प्रधान आए थे, और कोई अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचा। लोगों ने प्रशासन से मुआवजा और सफाई में मदद की मांग की है। (संवाद)
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चित्रकूट। मंदाकिनी की बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही शहर के तरौंहा मोहल्ले में हुई है।
जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली गली के किनारे बने दो सौ से अधिक घरों में से 100 से अधिक घर डूब गए थे। दो मंजिला मकानों की दूसरी मंजिल तक पानी भर गया। दुकानों और घरों में गृहस्थी बर्बाद हो गई। दूसरे दिन लोग घरों में भरे कीचड़ की सफाई में जुटे रहे।
इस बस्ती में दो दिन से बिजली और जलापूर्ति दोनों बंद है। बाढ़ का पानी कच्ची छावनी, डोडिया टोला और चिकवा मोहल्ला में भी घरों के अंदर घुस गया। शंकरगंज में भी कई घरों में पानी घुसा। इसके साथ ही वाटर पार्क भी जलमग्न हो गया।
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तरौंहा निवासी अर्जुन ने बताया कि उनकी किराना की दुकान थी। पूरा सामान पानी में भीग कर बर्बाद हो गया। लाखों का नुकसान हुआ है। जनसेवा केंद्र संचालक चंदन सोनी ने कहा कि दुकान में पानी घुसने से कंप्यूटर, प्रिंटर और जरूरी कागजात सब खराब हो गए। मूर्तिकार शेष प्रजापति ने बताया कि नवरात्र के लिए 10 से अधिक दुर्गा मूर्तियां बनाई थीं। पानी में भीगने से सारी मूर्तियां गल गईं।
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काजू, गुलाम, साबुद्दीन, कादिर खान और मूलचंद्र ने बताया कि दो मंजिला घर के अंदर तक पानी आ गया था। छत पर चढ़कर जान बचाई। घरों में इतनी गंदगी और कीचड़ है कि अंदर घुसना मुश्किल है। वहीं शंकरगंज के राजेंद्र कुमार ने बताया, मोहल्ले के करीब आठ घरों में पानी भर गया था। इसके बाद सदर विधायक अनिल प्रधान आए थे, और कोई अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचा। लोगों ने प्रशासन से मुआवजा और सफाई में मदद की मांग की है। (संवाद)