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Chitrakoot News: एक दिन की बारिश तीन बड़े पुलों के एप्रोच मार्ग बहे

Mon, 14 Jul 2025 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:24 AM IST
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Flood water entered the shop, shopkeeper died by drowning
बारिश से सड़क में आई दरार।  - फोटो : संवाद
चित्रकूट। जिले में 41 करोड़ की लागत से तीन स्थानों पर ग्रामीणों के आवागमन के लिए तीन पुलों का निर्माण कार्य कागज में पूरा तो हो गया लेकिन इनका विधिवत शुभारंभ नहीं हुआ। 12 घंटे की मूसलाधार बारिश ने इनके कार्य की गुणवत्ता की पोल भी खोल दी। तरौंहा, कल्याणपुर व मकरी पहरा में बने पुल के एप्रोच मार्ग पूरी तरह धंस गए हैं। सड़क फट गई है। मैटेरियल पानी में बह गया है। पुल के रेलिंग में दरार तक आ गई है।
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मानिकपुर क्षेत्र में धारकुंडी आश्रम की तरह जाने वाला का निर्माण दो माह पहले पुरा हुआ था। यह पुल लगभग 18 करोड़ की लागत से बनाया गया है। भारी बारिश होने से पुल के एप्रोच मार्ग जो पुल से जुड़ा हुआ है। यह लगभग पांच मीटर पूरी तरह से बह गया। इससे आवागमन बंद हो गया।यह रास्ता यूपी व एमपी सीमा को मिलाने का कार्य करता है। यूपी व एमपी क्षेत्र के दस से अधिक गांव के निवासियों का आवागमन होता है। इसी के साथ धारकुंडी आश्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। एप्रोच मार्ग बह जाने से आवागमन बंद हो गया है।
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जिला मुख्यालय के तरौंहा में मंदाकिनी नदी में तरौंहा से गोबरिया गांव तक पुल का निर्माण किया गया है।एक साल पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यह पुल लगभग 10 करोड़ की लागत से बना है। भारी बारिश होने से पुल के एप्रोच मार्ग पुल से जुड़ा हुआ है। पांच मीटर करीब बह गया है। रेलिंग में भी दरार आ गई है। इस पुल से धर्मनगरी चित्रकूट जाने के लिए भी रास्ता है। इसी के साथ पांच से अधिक गांवों का आगमन इस पुल से होता है। वही पहाड़ी क्षेत्र के मकरी पहरा गांव के पास लगभग 13 करोड़ की लागत से बने पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग की पूरी सड़क में दरार पड़ गई है। पूरी सड़क टूटी है। इसको लेकर स्थानीय निवासियों में नाराजगी जताई जा रही है। ग्रामीण अर्जुन ने बताया कि इस पुल से सात से अधिक गांव के निवासी गुजरते हैं।
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पूरे मामले में सेतु निगम के प्रोजक्ट मैनेजर सीपी दिवाकर ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। वह खुद चित्रकूट आए हैं और तीनों जगह जाकर खुद जांच कराएंगे।

इनसेट
उच्चस्तरीय जांच की मांग
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि यदि कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती तो इसका कौन जिम्मेदार होता। बनाए गए पुलों की उच्चस्तरीय जांच कराना चाहिए। आप पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोषी लाल शुक्ला ने कहा कि बनाए गए पुलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
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