फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   farmers requested to authorities, "Saab! Nothing left to eat'

‘साब! बर्बाद हो गए खाने को कुछ नहीं बचा’

Tue, 31 Mar 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट।
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट। Updated Tue, 31 Mar 2015 12:15 AM IST
विज्ञापन
farmers requested to authorities, "Saab! Nothing left to eat'

घुरेटनपुर के किसान खराब फसल को लेकर सोमवार को मुख्यालय पहुंचे और बर्बाद फसल अधिकारियों को दिखाई।  उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नुकसान का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई।

विज्ञापन


घुरेटनपुर के गुलाबचंद्र पटेल, बुद्ध विलास, रामलखन, राजा भुज, सियाराम, रामसरन, गोविंद, वृंदावन, रामदास, महेंद्र सोमवार को मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा ने उन लोगों को तबाह कर दिया है। खाने तक को नहीं बचा है।
विज्ञापन


ऐसे में उन लोगों की फसलों का शत-प्रतिशत मुआवजा दिलाया जाए। किसानों ने फसल बीमा देने और खेती संबंधी सभी ऋण माफ करने की मांग की है।

बाद में इन लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। उधर, तेरा बुजुर्ग पहाड़ी निवासी विनोद कुमार गौतम ने भी एसडीएम से पिछले साल के मुआवजे को दिलाने की मांग उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसका कहना था कि पिछले साल खरीफ और रबी की फसल नष्ट हो गई थी, जिसका आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया। इस साल भी रबी की फसल बर्बाद हो गई है।  किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।


बनाड़ी और गढ़ीवा के किसानों ने भी उपजिलाधिकारी से गांव में भारी बारिश से अस्सी फीसदी फसलों के नुकसान होने की बात कही है।  चना अरहर में तो सौ फीसदी नुकसान हो गया है, गेहूं सरसों अलसी, जौ और कछियाना में साठ फीसदी तक नुकसान है। सुकुरी, गुलाबचंद्र, हिरमनिया, छोटा, चिकुरिया, चुन्नू, भूरी आदि ने मुआवजे की गुहार की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed