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किसानों की समृद्धि के प्रयास जरूरी : सखलेचा
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 14 May 2015 11:34 PM IST
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मध्यप्रदेश विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति
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एवं सदस्यों ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय
विश्वविद्यालय में घूमकर यहां की गतिविधियों का जायजा लिया।
बोर्ड रूम में विचार मंथन कार्यक्रम में कृषि एवं कृषि के विकास को लेकर किए जा रहे अभिनव कार्यों एवं रोजगारोन्मुखी कौशल विकास शिक्षा कार्यक्रम पर चर्चा भी की।
प्राक्कलन समिति के सभापति ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि ऐसे प्रयास होने चाहिए, जिससे कृषि कार्य में लगे लोग आर्थिक रूप से समृद्धिशाली हों। कहा कि किसानों ने खेती के साथ-साथ दुधारू जानवर रखने की प्राचीन परंपरा को छोड़ दिया है, इसे फिर अपनाने की जरूरत है।
साथ ही सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने की वकालत की। लोक लेखा समिति सभापति महेंद्र कुमार कालूखेड़ा ने दुग्ध व्यवसाय को किसानों के लिए अच्छी आय वाला व्यवसाय बताया। कहा कि जैविक खेती को अपनाना चाहिए।
नागौद के विधायक यादवेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि ऐसी पद्धति अपनाई जाए, जिससे खेती को ज्यादा आय वाला साधन बनाया जा सके। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि नीमच क्षेत्र में 65 प्रकार की वन औषधियां हैं, जिनको संरक्षित और उत्पादित कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने अतिथियों को स्मृतिचिह्न भेंट किया। उन्होंने बताया कि 200 एकड़ के रजौला कृषि फार्म में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कृषि अनुसंधान केंद्र प्रारंभ किया जाएगा। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रामचंद्र सिंह ने बताया कि पढ़ाई के दौरान छात्रों को एड ऑन कोर्स सुविधा का लाभ देकर रोजगारोन्मुखी शिक्षा दी जा रही है।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुसुम सिंह ने कार्यक्रम का औचित्य बताया। लोक विज्ञान प्रौद्योगिकी संस्थान के आंजनेय पांडेय ने रिनीवल एनर्जी विषय के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
तत्पश्चात प्रशासनिक भवन में कला संकाय की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। समिति सदस्यों ने विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस अवसर पर प्रो. अरूप दास गुप्ता, प्रो. रामचंद्र सिंह, प्रो. कपिल देव मिश्रा एवं विश्वविद्यालय के निदेशक तथा शिक्षक, अधिकारी मौजूद रहे।
बोर्ड रूम में विचार मंथन कार्यक्रम में कृषि एवं कृषि के विकास को लेकर किए जा रहे अभिनव कार्यों एवं रोजगारोन्मुखी कौशल विकास शिक्षा कार्यक्रम पर चर्चा भी की।
प्राक्कलन समिति के सभापति ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि ऐसे प्रयास होने चाहिए, जिससे कृषि कार्य में लगे लोग आर्थिक रूप से समृद्धिशाली हों। कहा कि किसानों ने खेती के साथ-साथ दुधारू जानवर रखने की प्राचीन परंपरा को छोड़ दिया है, इसे फिर अपनाने की जरूरत है।
साथ ही सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने की वकालत की। लोक लेखा समिति सभापति महेंद्र कुमार कालूखेड़ा ने दुग्ध व्यवसाय को किसानों के लिए अच्छी आय वाला व्यवसाय बताया। कहा कि जैविक खेती को अपनाना चाहिए।
नागौद के विधायक यादवेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि ऐसी पद्धति अपनाई जाए, जिससे खेती को ज्यादा आय वाला साधन बनाया जा सके। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि नीमच क्षेत्र में 65 प्रकार की वन औषधियां हैं, जिनको संरक्षित और उत्पादित कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने अतिथियों को स्मृतिचिह्न भेंट किया। उन्होंने बताया कि 200 एकड़ के रजौला कृषि फार्म में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कृषि अनुसंधान केंद्र प्रारंभ किया जाएगा। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रामचंद्र सिंह ने बताया कि पढ़ाई के दौरान छात्रों को एड ऑन कोर्स सुविधा का लाभ देकर रोजगारोन्मुखी शिक्षा दी जा रही है।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुसुम सिंह ने कार्यक्रम का औचित्य बताया। लोक विज्ञान प्रौद्योगिकी संस्थान के आंजनेय पांडेय ने रिनीवल एनर्जी विषय के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
तत्पश्चात प्रशासनिक भवन में कला संकाय की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। समिति सदस्यों ने विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस अवसर पर प्रो. अरूप दास गुप्ता, प्रो. रामचंद्र सिंह, प्रो. कपिल देव मिश्रा एवं विश्वविद्यालय के निदेशक तथा शिक्षक, अधिकारी मौजूद रहे।