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Chitrakoot News: पारिवारिक विवाद और चेक बाउंस का मामला सुलझाया
Wed, 22 May 2024 11:04 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 22 May 2024 11:04 PM IST
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चित्रकूट। मध्यस्थता केंद्र में दो मुकदमों में सुलह कराई गई। इनमें एक मुकदमा पारिवारिक विवाद और दूसरा चेक बाउंस का था।
बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपर जिला जज नीलू मेनवाल ने बताया कि ममता देवी ने परिवार न्यायालय में वाद दायर किया गया था। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने ममता देवी बनाम नारेंद्र राव को सुलह समझौते के लिए संदर्भित किया था। लगभग 11 माह से परिवार न्यायालय में लंबित इस मामले को मध्यस्थता केंद्र के मध्यस्थ अधिवक्ता भोला शंकर ने सुलह समझौते के जरिए निस्तारित कराने के प्रयास किए। इस पर दोनों पक्ष एक साथ रहने के लिए सहमत हो गए और सुलह नामा दाखिल किया। इसके बाद दोनों पक्षों को एक साथ रहने के लिए न्यायालय परिसर से ही ममता को ससुराल भेजा गया।
दूसरे मामले में कमलेश कुमार मिश्रा ने न्यायालय में वाद दायर किया था। सिविल जज ने कमलेश कुमार मिश्रा बनाम रमाशंकर सिंह की पत्रावली सुलह समझौते के लिए मध्यस्थता केंद्र में संदर्भित किया था। मध्यस्थता केंद्र के मध्यस्थ अधिवक्ता ननकू राम यादव ने प्रयास करके लगभग चार वर्ष से चल रहे इस मुदकमे में दोनों पक्षों के मध्य सुलह कराई। दोनों पक्षों ने सुलहनामा दाखिल किया।
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बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपर जिला जज नीलू मेनवाल ने बताया कि ममता देवी ने परिवार न्यायालय में वाद दायर किया गया था। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने ममता देवी बनाम नारेंद्र राव को सुलह समझौते के लिए संदर्भित किया था। लगभग 11 माह से परिवार न्यायालय में लंबित इस मामले को मध्यस्थता केंद्र के मध्यस्थ अधिवक्ता भोला शंकर ने सुलह समझौते के जरिए निस्तारित कराने के प्रयास किए। इस पर दोनों पक्ष एक साथ रहने के लिए सहमत हो गए और सुलह नामा दाखिल किया। इसके बाद दोनों पक्षों को एक साथ रहने के लिए न्यायालय परिसर से ही ममता को ससुराल भेजा गया।
दूसरे मामले में कमलेश कुमार मिश्रा ने न्यायालय में वाद दायर किया था। सिविल जज ने कमलेश कुमार मिश्रा बनाम रमाशंकर सिंह की पत्रावली सुलह समझौते के लिए मध्यस्थता केंद्र में संदर्भित किया था। मध्यस्थता केंद्र के मध्यस्थ अधिवक्ता ननकू राम यादव ने प्रयास करके लगभग चार वर्ष से चल रहे इस मुदकमे में दोनों पक्षों के मध्य सुलह कराई। दोनों पक्षों ने सुलहनामा दाखिल किया।
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