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चित्रकूट : ई-स्टांप की बिक्री को बढ़ावा देने से रूकेगा फर्जीवाड़ा
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चित्रकूट। शासनादेश के मुताबिक अधिकारियों ने स्टांप विक्रेताओं से ई स्टांप की बिक्री बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इससे फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी। अब तक इस वर्ष में 11 करोड़ रुपये के ई स्टांप जारी हो चुके हैं।
शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी गणेश प्रसाद सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन उमेशचंद गुप्ता, जिले के सभी सब रजिस्ट्रार, स्टॉक होल्डिंग के ई-स्टांपिंग नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना, सहायक नोडल अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव व तहसीलों के स्टांप विक्रेताओं की कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
सहायक महानिरीक्षक ने कहा कि हर माह नए स्टांप विक्रेताओं के जुड़ने से ई-स्टांप की बिक्री में वृद्धि हो रही है। जनपद में इस वित्तीय वर्ष में अब तक 11 करोड रुपये से अधिक मूल्य के ई-स्टांप जारी हो चुके हैं। कुल प्रयुक्त स्टांप का लगभग 80 प्रतिशत ई-स्टांप के माध्यम से प्रयुक्त हुआ है।
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दस स्टांप विक्रेताओं ने ई-स्टैंप प्राधिकृत संग्रह केंद्र के लिए आवेदन किया है। इसमे से तीन ने सेवाएं देना प्रारंभ कर दिया है। मऊ तहसील में दो व कर्वी में एक प्राधिकृत संग्रह केंद्र कार्यरत है।
इसके अलावा यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखाएं भी ई स्टांप जारी करने के लिए अधिकृत हैं। कहा पहले बहुत सारे फिजिकल स्टांप पेपर की आवश्यकता होती थी। अब मात्र एक ई-स्टांप के द्वारा कार्य पूर्ण हो जाता है। इससे फर्जी स्टांप पेपर के प्रयोग को रोकने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
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शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी गणेश प्रसाद सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन उमेशचंद गुप्ता, जिले के सभी सब रजिस्ट्रार, स्टॉक होल्डिंग के ई-स्टांपिंग नोडल अधिकारी अनुभव खन्ना, सहायक नोडल अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव व तहसीलों के स्टांप विक्रेताओं की कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
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सहायक महानिरीक्षक ने कहा कि हर माह नए स्टांप विक्रेताओं के जुड़ने से ई-स्टांप की बिक्री में वृद्धि हो रही है। जनपद में इस वित्तीय वर्ष में अब तक 11 करोड रुपये से अधिक मूल्य के ई-स्टांप जारी हो चुके हैं। कुल प्रयुक्त स्टांप का लगभग 80 प्रतिशत ई-स्टांप के माध्यम से प्रयुक्त हुआ है।
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दस स्टांप विक्रेताओं ने ई-स्टैंप प्राधिकृत संग्रह केंद्र के लिए आवेदन किया है। इसमे से तीन ने सेवाएं देना प्रारंभ कर दिया है। मऊ तहसील में दो व कर्वी में एक प्राधिकृत संग्रह केंद्र कार्यरत है।
इसके अलावा यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखाएं भी ई स्टांप जारी करने के लिए अधिकृत हैं। कहा पहले बहुत सारे फिजिकल स्टांप पेपर की आवश्यकता होती थी। अब मात्र एक ई-स्टांप के द्वारा कार्य पूर्ण हो जाता है। इससे फर्जी स्टांप पेपर के प्रयोग को रोकने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।