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UP: चित्रकूट के रानीपुर को मिला भारत का 53वां टाइगर रिजर्व, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी जानकारी

Mon, 31 Oct 2022 07:19 PM IST
विजय पुंडीर पीटीआई, चित्रकूट
पीटीआई, चित्रकूट Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 31 Oct 2022 07:19 PM IST
सार

यूपी के चित्रकूट जिले में रानीपुर टाइगर रिजर्व दुधवा, पीलीभीत और अमनगढ़ के बाद राज्य में चौथा है। यह मध्य प्रदेश में पन्ना टाइगर रिजर्व से सिर्फ 150 किमी दूर है।

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Environment Minister Bhupendra Yadav said that UPs Ranipur got Indias 53rd Tiger Reserve
भाजपा नेता भूपेंद्र यादव - फोटो : ANI

विस्तार

रानीपुर वाइल्ड सेंचुरी को केंद्र सरकार ने देश के 53वें टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया है। इसे केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बाघ संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल करार दिया है। यह देश का एकमात्र रिजर्व है जिसमें किसी बाघ का स्थाई निवास नहीं है, लेकिन यह बाघों की आवाजाही का महत्वपूर्ण गलियारा है। यह मध्य प्रदेश के बाघ के लिए आदर्श आवाजाही और पड़ाव मार्ग है। इसकी स्थापना 1977 में हुई थी। इसका मकसद स्थानीय स्तर पर विचरण वाली वन्यजीव आबादी को सुरक्षित स्थान देना और अपनी तरह के अनोखे वन क्षेत्र की संरक्षण करना था। यह यूपी का चौथा टाइगर रिजर्व है, इससे पूर्व दुधवा, पीलीभीत और अमानगढ़ को यह दर्जा प्राप्त है। 

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इसके संरक्षित क्षेत्र में आने से पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघों को पानी भरने की स्थिति में चित्रकूट की पहाड़ियों में सुरक्षित और स्थायी निवास मिल सकेगा क्योंकि यह पूरा इलाका उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन है। इसलिए यहां बड़े पैमाने पर सुस्त भालू, चित्तीदार हिरण, सांभर, चिंकारा के अलावा तेंदुए बाघ रहते हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा उत्तर प्रदेश में रानीपुर टाइगर रिजर्व केंद्र सरकार के बाघ संरक्षण प्रयासों को मजबूत करेगा। यह टाइगर रिजर्व 529.36 वर्ग किलोमीटर में फैला है, और इसमें कोर एरिया 230.32 वर्ग किलोमीटर और बफर एरिया 299.5 वर्ग किमी में विस्तार लिये है। 
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आठ सालों में दोगुना हो गए बाघ
भारत पिछले दो दशक से बाघ संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है। इसी का नतीजा है कि देश में पिछले 8 सालों में बाघों की संख्या दुगनी हो गई है। हाल ही में हुई बाघ गणना के मुताबिक देश में बाघों की संख्या 2967 है, जो विश्व की आबादी का 75 फ़ीसदी है। इस बाघ गणना को अपने अनोखे अंदाज और प्रमाणिकता के लिए दुनिया में नाम और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में इस गणना को दर्ज किया गया है। 
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संरक्षण को लेकर दुनियाभर में देश चर्चित
भारत बाघ संरक्षण को लेकर दुनियाभर में चर्चित है, देश में 1973 में सिर्फ 9 टाइगर रिजर्व थे, जिनकी संख्या बढ़कर 53 हो गई है और देश में मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 526 बाघ पाए जाते हैं। इस लिहाज से भी रानीपुरा टाइगर रिजर्व बन जाने से पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ को विचरण के लिए विस्तार मिलेगा और उन्हें संरक्षित करने में मदद मिलेगी।


बाघ संरक्षण के लिए 300 करोड़ का बजट
केंद्र सरकार की बाघ के प्रति प्रतिबद्धता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार ने बजट आवंटन में बाघ संरक्षण के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, इतना ही नहीं देश के 14 टाइगर रिजर्व पहले ही अंतरराष्ट्रीय मान्यता से प्रमाण पत्र हासिल कर चुके हैं। केंद्र के प्रयास से इस साल अब तक तीन बाघ संरक्षण गृहों को मान्यता मिल चुकी है।

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