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Chitrakoot News: बाजार में दीपावली की रौनक, छह करोड़ से अधिक का होगा कारोबार
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चित्रकूट। दिवाली पर्व मनाने के लिए एक दिन पहले भगवान श्रीगणेश लक्ष्मी की मूर्ति सहित पूजा पाठ की सामग्री व घर की सजवाट के लिए सामान खरीदा। मिठाई व पटाखों की दुकानों में भी ग्राहकों की लाइन लगी रही। इससे बाजार में खासी रौनक देखी गई। जिले में लगभग छह करोड़ से अधिक के व्यापार होने की संभावना है।
शहर के नई बाजार, पुरानी बाजार, शंकर बाजार से लेकर मऊ, मानिकपुर, राजापुर, सरैंया, पहाड़ी, सरधुआ, खोही, शिवरामपुर, भरतकूप में जगह- जगह दुकाने सजी हुई है। जहां से भगवान गणेश, लक्ष्मी की मूर्तिया खरीदने के साथ पूजा पाठ का समान व लाई बताशा सहित मिठाई खरीदी। कस्बों में दिवाली पर्व मनाने के लिए खरीदारी की गई। मानिकपुर के दुकानदार श्याम लाल ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी बिक्री हो रही है। घरों को सजाने के लिए नये डिजाइन के सामान ले गए हैं।
दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा कई साल से चली आ रही है। इसके लिए लोगों ने दीये खरीदें हैं।
शहर के खटकाना मोहल्ला से लेकर भैरो पगा मोहल्ले में दिए बनाने का कार्य कुम्हार करते है। इस साल भी लाखों की संख्या में दीये बनाए गए है। जहां स्थानीय निवासियों ने खरीदारी किया है। दिए तैयार करने वाली महिला रमाबाई ने बताया कि बड़े मुश्किल से मिट्टी मिलती है। तैयार करने में लागत अधिक लग जाती है। मीना सिंह,ममता ने बताया कि भले ही इलेक्ट्रिानिक उपकरण लगाने का प्रचलन चल गया है लेकिन मिट्टी के दिए घर में जरूर जलाए जाते हैं। संवाद
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इनसेट
शहर के गल्ला मंडी में पटाखें की दुकान लगाई
चित्रकूट। शहर के गल्लामंडी में इस बार पटाखें की दुकाने सजाई गई है। जहां पर आधा सैकड़ा से अधिक दुकाने पटाखें की सजी हुई। दिवाली के एक दिन पहले पटाखा लेने के लिए स्थानीय निवासी पहुंचे।
दिवाली पर्व हर साल शहर के चित्रकूट इंटर कॉलेज परिसर में दुकाने लगती थी। इस वर्ष गल्ला मंडी में दुकानें लगाई गईं। दुकानदार नफीस, अरशद व मुन्ना ने बताया कि कई दिनों से दुकान लगाने की अनुमति मांगी जा ही थी। बड़े मुश्किल से शहर के गल्लामंडी परिसर में दुकाने लगाने का आदेश हुआ। अब दिवाली के लिए मात्र एक दिन शेष बचा है। संवाद
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शहर के नई बाजार, पुरानी बाजार, शंकर बाजार से लेकर मऊ, मानिकपुर, राजापुर, सरैंया, पहाड़ी, सरधुआ, खोही, शिवरामपुर, भरतकूप में जगह- जगह दुकाने सजी हुई है। जहां से भगवान गणेश, लक्ष्मी की मूर्तिया खरीदने के साथ पूजा पाठ का समान व लाई बताशा सहित मिठाई खरीदी। कस्बों में दिवाली पर्व मनाने के लिए खरीदारी की गई। मानिकपुर के दुकानदार श्याम लाल ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी बिक्री हो रही है। घरों को सजाने के लिए नये डिजाइन के सामान ले गए हैं।
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दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा कई साल से चली आ रही है। इसके लिए लोगों ने दीये खरीदें हैं।
शहर के खटकाना मोहल्ला से लेकर भैरो पगा मोहल्ले में दिए बनाने का कार्य कुम्हार करते है। इस साल भी लाखों की संख्या में दीये बनाए गए है। जहां स्थानीय निवासियों ने खरीदारी किया है। दिए तैयार करने वाली महिला रमाबाई ने बताया कि बड़े मुश्किल से मिट्टी मिलती है। तैयार करने में लागत अधिक लग जाती है। मीना सिंह,ममता ने बताया कि भले ही इलेक्ट्रिानिक उपकरण लगाने का प्रचलन चल गया है लेकिन मिट्टी के दिए घर में जरूर जलाए जाते हैं। संवाद
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शहर के गल्ला मंडी में पटाखें की दुकान लगाई
चित्रकूट। शहर के गल्लामंडी में इस बार पटाखें की दुकाने सजाई गई है। जहां पर आधा सैकड़ा से अधिक दुकाने पटाखें की सजी हुई। दिवाली के एक दिन पहले पटाखा लेने के लिए स्थानीय निवासी पहुंचे।
दिवाली पर्व हर साल शहर के चित्रकूट इंटर कॉलेज परिसर में दुकाने लगती थी। इस वर्ष गल्ला मंडी में दुकानें लगाई गईं। दुकानदार नफीस, अरशद व मुन्ना ने बताया कि कई दिनों से दुकान लगाने की अनुमति मांगी जा ही थी। बड़े मुश्किल से शहर के गल्लामंडी परिसर में दुकाने लगाने का आदेश हुआ। अब दिवाली के लिए मात्र एक दिन शेष बचा है। संवाद