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जिला अस्पताल को मिला आंखों का डॉक्टर
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डाक्टर का इंतजार करते आंखों का इलाज कराने आए मरीज। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। जिला अस्पताल में एक साल बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। अब नेत्र रोगियों को आपरेशन के लिए चित्रकूट व अन्य जनपदों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रत्येक माह लगभग 250 नेत्र रोगी अस्पताल पहुंचते हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन आठ से 10 नेत्र रोगी पहुंचते हैं। किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने पर मरीज को पहाड़ी के अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती थी। बच्चों व वृद्धों को आंखों के इलाज में परेशानी हो रही थी। अमर उजाला ने 19 दिसंबर को समस्या को प्रमुखता से उठाया। खबर छपने के बाद जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने भी सीएमएस से पत्राचार करने को कहा था। सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि नेत्र चिकित्सक रामरतन ने ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया है।
प्रमाणपत्र बनवाने के लिए होती थी परेशानी
पुलिसकर्मी से लेकर छात्र और युवक युवतियों को किसी काम के लिए नेत्र परीक्षण का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिपोर्ट लगवाने को चक्कर ही लगाना पड़ता था। सैकड़ों रुपये व समय बर्बाद होते थे। अब इन सबसे राहत मिलेगी।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन आठ से 10 नेत्र रोगी पहुंचते हैं। किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने पर मरीज को पहाड़ी के अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती थी। बच्चों व वृद्धों को आंखों के इलाज में परेशानी हो रही थी। अमर उजाला ने 19 दिसंबर को समस्या को प्रमुखता से उठाया। खबर छपने के बाद जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने भी सीएमएस से पत्राचार करने को कहा था। सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि नेत्र चिकित्सक रामरतन ने ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया है।
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प्रमाणपत्र बनवाने के लिए होती थी परेशानी
पुलिसकर्मी से लेकर छात्र और युवक युवतियों को किसी काम के लिए नेत्र परीक्षण का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिपोर्ट लगवाने को चक्कर ही लगाना पड़ता था। सैकड़ों रुपये व समय बर्बाद होते थे। अब इन सबसे राहत मिलेगी।
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