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सीओ- एसओ के बयान में अंतर, एसपी करें जांच
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चित्रकूट। भूमि हथियाने और महिला की हत्या की आशंका के मामले में अदालत ने तत्कालीन सीओ व एसओ के बयान पर विरोधाभास होने पर जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पिता पुत्र समेत पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की जाए।
रैपुरा थाना क्षेत्र के उन्नायबन्ना गांव निवासी रामकन्या ने बताया कि उसके कोई भाई नहीं है। पिता अमरनाथ के निधन के बाद गांव की कृषि योग्य भूमि मां भुलुवा देवी के नाम आ गई। इस भूमि को साजिशन हथियाने के लिए उसके पिता के भतीजे रामशिरोमणि व उसके पुत्र पुत्रियों ने उसकी मां भुलुवादेवी को अपने घर में नजरबंद कर लिया। उससे मिलने भी नहीं दिया जाता था। घर जाने पर कहा गया कि उसकी मां की मौत हो गई है और वह नहीं जाएगी तो उसकी भी हत्या कर देंगे। आरोप लगाया कि उसे भूखा प्यासा रखकर उसके स्थान पर किसी अन्य महिला को भुलुवादेवी बनाकर सारी भूमि अपने नाम करा ली। जानकारी होने पर संबधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अधिवक्ता रूद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि इस मामले में दिसंबर माह में पीड़िता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रार्थना की। तत्कालीन एसओ रैपुरा व सीओ की अलग अलग रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत हुई। इसके बाद बुधवार को सीजेएम कोर्ट के जज संजय कुमार ने पुलिस अधीक्षक से तत्कालीन सीओ व एसओ के बयान को लेकर जांच कराने को कहा है। इसके अलावा आरोपी रामशिरोमणि, सुनील अनिल, मनोज व गुड़िया के खिलाफ उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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रैपुरा थाना क्षेत्र के उन्नायबन्ना गांव निवासी रामकन्या ने बताया कि उसके कोई भाई नहीं है। पिता अमरनाथ के निधन के बाद गांव की कृषि योग्य भूमि मां भुलुवा देवी के नाम आ गई। इस भूमि को साजिशन हथियाने के लिए उसके पिता के भतीजे रामशिरोमणि व उसके पुत्र पुत्रियों ने उसकी मां भुलुवादेवी को अपने घर में नजरबंद कर लिया। उससे मिलने भी नहीं दिया जाता था। घर जाने पर कहा गया कि उसकी मां की मौत हो गई है और वह नहीं जाएगी तो उसकी भी हत्या कर देंगे। आरोप लगाया कि उसे भूखा प्यासा रखकर उसके स्थान पर किसी अन्य महिला को भुलुवादेवी बनाकर सारी भूमि अपने नाम करा ली। जानकारी होने पर संबधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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अधिवक्ता रूद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि इस मामले में दिसंबर माह में पीड़िता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रार्थना की। तत्कालीन एसओ रैपुरा व सीओ की अलग अलग रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत हुई। इसके बाद बुधवार को सीजेएम कोर्ट के जज संजय कुमार ने पुलिस अधीक्षक से तत्कालीन सीओ व एसओ के बयान को लेकर जांच कराने को कहा है। इसके अलावा आरोपी रामशिरोमणि, सुनील अनिल, मनोज व गुड़िया के खिलाफ उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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