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धार्मिक राजधानी बने चित्रकूट: जगद्गुरु रामभद्राचार्य
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चित्रकूट के कामतन में चल रही श्रीराम कथा के दौरान कथा सुनाते रामभद्राचार्य ।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/खोही। भगवान कामदगिरी की तहलटी मे आयोजित श्रीराम कथा के नौवें दिन बुधवार को कथा व्यास जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान के प्रसाद से यह पर्वत भी कामदगिरी बन गया। यहां एक तरफ गिरधारी हैं तो दूसरी तरफ गिरिधर हैं। उनकी इच्छा है कि अब चित्रकूट धार्मिक राजधानी बने। चित्रकूट की जनता इसमें सहयोग करे। वह इस कार्य के लिए अपने सहयोगी शिष्यों के साथ प्रत्येक घर में जाने को तैयार हैं।
कथा में अयोध्या कांड में गीत प्रस्तुत करते हुए जै जै बाबा कामतानाथ हो , तोहै हम नरियर चढउबै , कामधेनु गइया के दुधवा चढउबै के जरिए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि रावण को भाई विभीषण ने समझाया कि भगवान से युद्ध न करें, लेकिन वह नहीं माना और नाराज होकर उसने विभीषण की छाती पर लात मारी। इस पर विभीषण ने रावण के पैर पकड लिया फिर भी वह नहीं माना। इस पर विभीषण भगवान राम की शरण मे पहुंच गए और भगवान के चरण स्पर्श कर लिए। इसके बाद प्रभु श्रीराम ने विभीषण को राजा बना दिया। विभीषण ने कहा कि उन्हें अब कोई चिंता नहीं है, उनके पास तो परमात्मा भगवान राम हैं ।
इस मौके पर जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास, गृहमंत्री अमित शाह के सचिव राकेश मिश्रा, सतना सांसद गणेश सिंह, कथा के मुख्य यजमान नीलेश मोहता व धर्म पत्नी प्रीति मोहता, कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, वित्त अधिकारी आर पी मिश्रा, कुलसचिव डॉ. महेंद्र उपाध्याय, सुरक्षा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय, पूर्व विधायक दिनेश मिश्रा, पंकज अग्रवाल, रणवीर सिंह चौहान, संतोष मिश्रा, राजेंद्र त्रिपाठी, दिनेश द्विवेदी व एसपी मिश्र मौजूद रहे।
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कथा में अयोध्या कांड में गीत प्रस्तुत करते हुए जै जै बाबा कामतानाथ हो , तोहै हम नरियर चढउबै , कामधेनु गइया के दुधवा चढउबै के जरिए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि रावण को भाई विभीषण ने समझाया कि भगवान से युद्ध न करें, लेकिन वह नहीं माना और नाराज होकर उसने विभीषण की छाती पर लात मारी। इस पर विभीषण ने रावण के पैर पकड लिया फिर भी वह नहीं माना। इस पर विभीषण भगवान राम की शरण मे पहुंच गए और भगवान के चरण स्पर्श कर लिए। इसके बाद प्रभु श्रीराम ने विभीषण को राजा बना दिया। विभीषण ने कहा कि उन्हें अब कोई चिंता नहीं है, उनके पास तो परमात्मा भगवान राम हैं ।
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इस मौके पर जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास, गृहमंत्री अमित शाह के सचिव राकेश मिश्रा, सतना सांसद गणेश सिंह, कथा के मुख्य यजमान नीलेश मोहता व धर्म पत्नी प्रीति मोहता, कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, वित्त अधिकारी आर पी मिश्रा, कुलसचिव डॉ. महेंद्र उपाध्याय, सुरक्षा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय, पूर्व विधायक दिनेश मिश्रा, पंकज अग्रवाल, रणवीर सिंह चौहान, संतोष मिश्रा, राजेंद्र त्रिपाठी, दिनेश द्विवेदी व एसपी मिश्र मौजूद रहे।
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