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खाद न मिलने से मायूस लौटे किसान
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 08 Jan 2015 10:37 PM IST
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खाद की मारामारी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई
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है। गुरुवार को यूरिया खाद मिलने की सूचना पर पीसीएफ केंद्र पहुंचे किसान
ठिठुरते हुए खड़े रहे। शाम को खाद बंटी तो आधे किसानों को मिल सकी, बाकी
मायूस लौट गए।
पीसीएफ केंद्र पहुंचे सुरौंधा के प्रमोद, ददरी के श्यामकरण, नीबी के राममिलन, कोल्हुआ के चंद्रकिशोर, भौसला के मोहनलाल, अहिरी के संदीप, अलैया के विद्यासागर आदि लगभग सौ किसानों ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि पीसीएफ केंद्र में यूरिया बंटेगी।
ऐसे में वे लोग सुबह से यहां डटे हैं। लगभग पांच सौ किसान आए हैं। किसानों ने बताया कि शाम लगभग चार बजे यहां के प्रभारी सैनूर खान ने आकर गिने चुने किसानों को खाद बांटी है।
किसानों का कहना था कि इसके पहले वे लोग साधन सहकारी समिति मऊ और बियावल में भी यूरिया के लिए जा चुके हैं पर वहां से भी नाकाम लौटना पड़ा है। आज भी वे मायूस लौट रहे हैं।
उधर, इस संबंध में प्रभारी सैनूर खान ने बताया कि वह पहले रैपुरा में खाद वितरण कर रहे थे और अब यहां आए हैं। बताया कि कुल तीन सौ बोरी खाद आई थी, जिसमें सभी को नहीं मिल सकी है। अब कल आएगी तो बांटी जाएगी।
पीसीएफ केंद्र पहुंचे सुरौंधा के प्रमोद, ददरी के श्यामकरण, नीबी के राममिलन, कोल्हुआ के चंद्रकिशोर, भौसला के मोहनलाल, अहिरी के संदीप, अलैया के विद्यासागर आदि लगभग सौ किसानों ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि पीसीएफ केंद्र में यूरिया बंटेगी।
ऐसे में वे लोग सुबह से यहां डटे हैं। लगभग पांच सौ किसान आए हैं। किसानों ने बताया कि शाम लगभग चार बजे यहां के प्रभारी सैनूर खान ने आकर गिने चुने किसानों को खाद बांटी है।
किसानों का कहना था कि इसके पहले वे लोग साधन सहकारी समिति मऊ और बियावल में भी यूरिया के लिए जा चुके हैं पर वहां से भी नाकाम लौटना पड़ा है। आज भी वे मायूस लौट रहे हैं।
उधर, इस संबंध में प्रभारी सैनूर खान ने बताया कि वह पहले रैपुरा में खाद वितरण कर रहे थे और अब यहां आए हैं। बताया कि कुल तीन सौ बोरी खाद आई थी, जिसमें सभी को नहीं मिल सकी है। अब कल आएगी तो बांटी जाएगी।