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Chitrakoot News: सरयू के सीमांकन की पैमाइश शुरू
Sun, 20 Sep 2026 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:33 PM IST
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फोटो 20 सीकेटीपी 26 नदी किनारे पक्की दीवार से ईंट निकालते लोग। संवाद
चित्रकूट। सरयू नदी को कब्जे से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।
रविवार को एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व, नगर पालिका और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों ने रामघाट पर रोवर डीजीपीएस से नदी की हद की निशानदेही की। इस दौरान कोई अपने लगाए हुए लोहे के जाल उखाड़ने लगा तो कोई अपनी पक्की दीवारों से ईंटें बटोरने लगा।
जांच में खुलासा हुआ कि कई कब्जेदारों नेमोटे लोहे के जाल, सरिया और एंगल गाड़कर सरयू की जमीन को घेर रखा था। जाल के पीछे मिट्टी भरकर धीरे-धीरे पक्का निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन ने मौके पर गैस कटर मंगवाकर जालों को टुकड़ों में कटवाया और जेसीबी से उखड़वा दिया। कई जगह जाल दीवारों में चुन दिए गए थे, जिन्हें मजदूरों ने हाथों से तोड़कर हटाया।
अब मिलीमीटर से होगी नाप
पहली बार नदी के सीमांकन में रोवर डीजीपीाएस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। फीता और जरीब से होने वाली पुरानी पैमाइश में हेरफेर की गुंजाइश रहती थी लेकिन अब सैटेलाइट से मिलीमीटर-सटीक डिजिटल नक्शा बन रहा है। इससे सरयू की पुरानी धारा और कैचमेंट एरिया की असली तस्वीर साफ हो जाएगी।
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पिलर गाड़कर बनाई जा रही लक्ष्मण रेखा
पैमाइश के साथ-साथ प्रशासन ने मजबूत आरसीसी पिलर गाड़ने शुरू कर दिए हैं। यह पिलर ही अब सरयू की स्थायी लक्ष्मण रेखा होगी, जिसे पार करने पर सीधी कार्रवाई होगी।
बोले जिम्मेदार-- -- -
कैचमेंट में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। टीम को 24 घंटे निगरानी और रोजाना रिपोर्ट के निर्देश दिए गए हैं। चिह्नित कब्जाधारियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं।- अजय कुमार यादव, एसडीएम कर्वी।
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रविवार को एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व, नगर पालिका और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों ने रामघाट पर रोवर डीजीपीएस से नदी की हद की निशानदेही की। इस दौरान कोई अपने लगाए हुए लोहे के जाल उखाड़ने लगा तो कोई अपनी पक्की दीवारों से ईंटें बटोरने लगा।
जांच में खुलासा हुआ कि कई कब्जेदारों नेमोटे लोहे के जाल, सरिया और एंगल गाड़कर सरयू की जमीन को घेर रखा था। जाल के पीछे मिट्टी भरकर धीरे-धीरे पक्का निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन ने मौके पर गैस कटर मंगवाकर जालों को टुकड़ों में कटवाया और जेसीबी से उखड़वा दिया। कई जगह जाल दीवारों में चुन दिए गए थे, जिन्हें मजदूरों ने हाथों से तोड़कर हटाया।
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अब मिलीमीटर से होगी नाप
पहली बार नदी के सीमांकन में रोवर डीजीपीाएस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। फीता और जरीब से होने वाली पुरानी पैमाइश में हेरफेर की गुंजाइश रहती थी लेकिन अब सैटेलाइट से मिलीमीटर-सटीक डिजिटल नक्शा बन रहा है। इससे सरयू की पुरानी धारा और कैचमेंट एरिया की असली तस्वीर साफ हो जाएगी।
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पिलर गाड़कर बनाई जा रही लक्ष्मण रेखा
पैमाइश के साथ-साथ प्रशासन ने मजबूत आरसीसी पिलर गाड़ने शुरू कर दिए हैं। यह पिलर ही अब सरयू की स्थायी लक्ष्मण रेखा होगी, जिसे पार करने पर सीधी कार्रवाई होगी।
बोले जिम्मेदार
कैचमेंट में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। टीम को 24 घंटे निगरानी और रोजाना रिपोर्ट के निर्देश दिए गए हैं। चिह्नित कब्जाधारियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं।- अजय कुमार यादव, एसडीएम कर्वी।