चित्रकूट। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के अपहृत किसान को छुड़ाने को लेकर किए गए ट्वीट के बाद पुलिस की सरगर्मी जंगलों में बढ़ गई है। इसकी वजह से डाकू बबुली गैंग बार-बार अपना अड़डा बदल रहा है जिससे पुलिस को गैंग की लोकेशन नहीं मिल रही है। अब डकैतों ने फोन कर फिरौती की रकम भी घटाकर दस लाख रुपये कर इसे भेजने की चेतावनी दी है। उधर, इस कांड को लेकर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार के काम काज के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
जिले की सीमा से सटे धारकुंडी क्षेत्र वीरपुर पंचायत के हरषेड गांव निवासी किसान अवधेश कुमार द्विवेदी का छह लाख रुपये के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग ने शनिवार देर रात घर में घुसकर अपहरण कर लिया है। इसमें पहले 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। तीसरे दिन मंगलवार की रात तक चित्रकूट व सतना जिले की पुलिस टीमें अपहृत को नहीं छुड़ा पाई हैं। मंगलवार को तीन बार डकैतों की ओर से अपहृत के घर में फिरौती पहुंचाने का फोन आया है। परिजनों के अनुसार, फोन करने वाले ने कहा कि यदि एक दो दिन के अंदर रकम नहीं पहुंची तो अंजाम बुरा होगा। किसान की हत्या कर शव फेंकने तक की धमकी भी दी गई। भयभीत परिजनों ने पुलिस से दूरी बनाकर निजी प्रयास पर ही ज्यादा जोर दिया है। संभावना जताई गई है कि अगले 24 घंटे में किसान को डकैत मुक्त कर सकते हैं। इसके पीछे पुलिस का लगातार बढ़ता दबाव भी शामिल है। सोमवार रात को मप्र के मुख्यमंत्री की ट्वीट के बाद मंगलवार को रींवा आईजी चंचल शेखर डीआईजी अविनाश शर्मा व सतना एसपी रियाज इकबाल ने जंगलों में कांबिंग शुरू कराई। डकैतों के कई रिश्तेदारों को पकड़कर थाने में पूूछताछ की। छह संदिग्ध ग्रामीणों को भी पकड़ा है। इनकी मदद से पुलिस जंगल में डकैतों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, पिछले 24 घंटे में लगातार डकैतों ने तीन अड्डे बदले।