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भगवान का स्वरूप है भगवत
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मानिकपुर। कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर रविवार को आचार्य नवलेश ने कहा कि जनकल्याण के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने लीलाएं की। जन्म उनका मथुरा में हुआ और लीला वृंदावन में की। मथुरा में पराक्रम दिखाया। द्वारिका में अपना ऐश्वर्य दिखाया।
संपूर्ण लीला करने के बाद जब गोलोकधाम गए तो अपना स्वरूप तेज भागवत में समाहित कर गए। इसलिए जीवन में भागवत सुनना अनिवार्य है। पित्र दोष के लिए भागवत संजीवनी का काम करती है। आचार्य ने कहा कि भागवत ही भगवान है। उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए मित्रता की मिसाल बताई।
कथा के समापन पर सांसद आरके सिंह पटेल, पंकज अग्रवाल, समाजसेवी संजय अग्रवाल, राकेश अग्रवाल व ऊषा अग्रवाल ने व्यास गद्दी का पूजन किया। मानिकपुर नगर के वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। होली महोत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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संपूर्ण लीला करने के बाद जब गोलोकधाम गए तो अपना स्वरूप तेज भागवत में समाहित कर गए। इसलिए जीवन में भागवत सुनना अनिवार्य है। पित्र दोष के लिए भागवत संजीवनी का काम करती है। आचार्य ने कहा कि भागवत ही भगवान है। उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए मित्रता की मिसाल बताई।
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कथा के समापन पर सांसद आरके सिंह पटेल, पंकज अग्रवाल, समाजसेवी संजय अग्रवाल, राकेश अग्रवाल व ऊषा अग्रवाल ने व्यास गद्दी का पूजन किया। मानिकपुर नगर के वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। होली महोत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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