{"_id":"589b51f34f1c1be71737917f","slug":"overloading-is-rampant-in-the-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में धड़ल्ले से हो रही ओवरलोडिंग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिले में धड़ल्ले से हो रही ओवरलोडिंग
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Wed, 08 Feb 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
मुख्यालय में भीड़भाड़ वाले इलाके ट्रैफिक चौराहे से गुजरते गिट्टी लदे ओवरलोड़ ट्रक।
- फोटो : amar ujala
जिले में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग हो रही है। जिसमें पहाड़ों से खनन किए गए पत्थर, मौरंग, क्रेशर मशीनों से गिट्टी व नदी से निकाली गयी बालू भरी रहती है। अभी तक तो यह सब वाहन रात में गुजरते थे लेकिन अब दिन दहाड़े भी धड़ल्ले से ओवरलोडिंग ट्रक निकल रहे हैं।
कई लोगाें ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर ओवर लोड़ और खनन करने वालों से साठ गांठ का आरोप लगाया है। अवैध खनन करने वाले माफियाओं के इशारे में इस समय जिले में ओवरलोडिंग चलने वाले ट्रकों की भरमार हो गयी है। बिना किसी रोक टोक धड़ल्ले से मानक के विपरीत बालू, गिट्टी मौरंग व पत्थर भरकर ट्रक निकल रहें हैं। माल अधिक भरा होने से सड़कें भी टूट रही हैं। आरोप है कि अवैध लोडिंग क ा यह धंधा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में बढ़ गया है।
जिनकों प्रति ट्रक कमीशन दिया जाता है। कछारपुरवा के सुल्तान अहमद ने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिस अधिकारियोें ने सुविधा शुल्क मांगी थी लेकिन कागजात होने पर यह शुल्क देने से इंकार किया तो उसके वाहन व बालू को सीज कराया गया। जिसकी शिकायत पुलिस उच्चाधिकारियों से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप यह भी लगाया कि उनके सामने ही जिन वाहन मालिकों ने पुलिस अधिकारियों को सुविधा शुल्क दिया तो उनके कागजात देखे बिना ही आगे निकाल दिया गया।
विज्ञापन
वहीं ओवरलोड ट्रकों के आवागमन से जाम भी लगता है। हादसे भी होते हैं। 2016 मे शहर के नगरपालिका कार्यालय के पास व भरतकूप कस्बे में ओवरलोडिंग ट्रक पलट गया था। जिससे दो मजदूरों की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी थी। इस मामले में सदर एसडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि ओवरलोड ट्रकों के बारें में जानकारी मिली है। सीओ सिटी से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर सीओ सिटी राजेश तिवारी ने कहा कि चुनावी व्यस्तता के कारण कुछ वाहनों के गुजरने की सूचना के बावजूद रोक नहीं लगा सके। लेकिन ऐसे ओवरलोड ट्रकों को पकड़ा जा रहा है। सुविधा शुल्क लेकर वाहन छोड़ने के आरोप गलत हैं।
विज्ञापन
कई लोगाें ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर ओवर लोड़ और खनन करने वालों से साठ गांठ का आरोप लगाया है। अवैध खनन करने वाले माफियाओं के इशारे में इस समय जिले में ओवरलोडिंग चलने वाले ट्रकों की भरमार हो गयी है। बिना किसी रोक टोक धड़ल्ले से मानक के विपरीत बालू, गिट्टी मौरंग व पत्थर भरकर ट्रक निकल रहें हैं। माल अधिक भरा होने से सड़कें भी टूट रही हैं। आरोप है कि अवैध लोडिंग क ा यह धंधा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में बढ़ गया है।
विज्ञापन
जिनकों प्रति ट्रक कमीशन दिया जाता है। कछारपुरवा के सुल्तान अहमद ने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिस अधिकारियोें ने सुविधा शुल्क मांगी थी लेकिन कागजात होने पर यह शुल्क देने से इंकार किया तो उसके वाहन व बालू को सीज कराया गया। जिसकी शिकायत पुलिस उच्चाधिकारियों से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप यह भी लगाया कि उनके सामने ही जिन वाहन मालिकों ने पुलिस अधिकारियों को सुविधा शुल्क दिया तो उनके कागजात देखे बिना ही आगे निकाल दिया गया।
विज्ञापन
वहीं ओवरलोड ट्रकों के आवागमन से जाम भी लगता है। हादसे भी होते हैं। 2016 मे शहर के नगरपालिका कार्यालय के पास व भरतकूप कस्बे में ओवरलोडिंग ट्रक पलट गया था। जिससे दो मजदूरों की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी थी। इस मामले में सदर एसडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि ओवरलोड ट्रकों के बारें में जानकारी मिली है। सीओ सिटी से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर सीओ सिटी राजेश तिवारी ने कहा कि चुनावी व्यस्तता के कारण कुछ वाहनों के गुजरने की सूचना के बावजूद रोक नहीं लगा सके। लेकिन ऐसे ओवरलोड ट्रकों को पकड़ा जा रहा है। सुविधा शुल्क लेकर वाहन छोड़ने के आरोप गलत हैं।