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महज दस रुपये के चाकू से मासूमों को काट डाला
चित्रकूट
Updated Tue, 02 May 2017 10:49 PM IST
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माौत
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चित्रकूट। महज ढाई साल का किशुन और चार साल की गीता के गले में चाकू से वार करते समय भी निर्दयी हत्यारे के हाथ नहीं कांपे। एक-एक कर पांच की हत्या करते समय वह महिला भी तनिक नहीं कांपी जिसकी शादी के सात साल से ज्यादा हो गए लेकिन कोई संतान नहीं है।
इसके बाद भी आरोपी दंपति शवों को उठाकर बाइक में रखा। क्या कोई यह कल्पना कर सकता है कि पांचों की हत्या एक छोटे चाकू से की गई है। यह चाकू बाजार से मात्र दस रुपये में ही खरीदा गया था।
बिहार के पटना जिले बख्तियारपुर के माधवपुर निवासी सत्यानंद की पत्नी लालमुनी उर्फ रीना(39), उसकी पुत्री रीता(11), संगीता (9), गीता (4) व किशुन (4) गुजरात के नुनवा जिला कच्छ में रहते थे। वहीं अवधेश से रीना ने अघोषित शादी कर ली और साथ वह भी रहने लगा।
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लगभग डेढ़ साल बाद अवधेश उन्हें लेकर कर्वी आया था। मंगलवार को आरोपी अवधेश की आंखों मेें तनिक भी पछतावा नहीं था। उसने बताया कि रीना व उसके बच्चों को राजापुर में ही रखना चाहता था।
गुजरात में यही तय भी हुआ था लेकिन गांव आकर रीना बदल गई और यहीं रहने की जिद करने लगी। जिससे मजबूर होकर उसने सबको रास्ते से हटा दिया। आरोपी मंटू देवी ने कहा कि उसके बच्चे नहीं हैं लेकिन इन बच्चों को अपने पास रखने से हत्या का सबूत बनता। दोनों ने खुद को बचाने के लिए ही पूरा सबूत मिटाने का प्रयास किया था।
पहले ही बना थी योजना
चित्रकूट। हत्यारोपी अवधेश ने बताया कि 18 अप्रैल को गुजरात से आने के बाद वह 25 अप्रैल को रीना व उसके बच्चों को चित्रकूट घुमाने लाया था। इसके बाद राजापुर की ही एक दुकान से दस रुपये का चाकू खरीदा था। अंधेरा होने पर वह बाइक से पांचों को बैठाकर अमान गांव आया था। इसी चाकू से सबका गला रेत दिया। पहले रीना व उसके छोेटे पुत्र को मारा फिर अन्य को मार डाला।
चाकू लिए करता रहा दर्शन
चित्रकूट। हत्यारोपी अवधेश व उसकी पत्नी मंटू ने बताया कि हत्या करने के बाद से इलाहाबाद गए जहां संगम में स्नान किया। चित्रकूटधाम के मंदिरों के दर्शन कर मैहर देवी दर्शन करने गया। सतना के भी कई मंदिरों में दर्शन किए। इस दौरान वह आसानी से हत्या में प्रयुक्त चाकू साथ रखे रहा। इससे पुलिस की सघन जांच पर भी कई सवाल उठते हैं।
अन्य किसी को नहीं करेंगे परेशान
राजापुर। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोेपेंद्र से लेकर राजापुर सीओ महेंद्र शुक्ला ने भरोसा दिलाया है कि हत्यारोपी के पकड़े जाने के बाद अब किसी भी परिजन या रिश्तेदार को पुलिस परेशान नहीं करेगी। राजकरण की पुत्री के विवाह संबध पर भी कोई रोक नहीं है।
अमर उजाला ने कराया हत्याकांड का खुलासा
चित्रकूट। जिला ही नहीं वरन कई प्रदेशों में पांच लोगों की हत्या मामला चर्चा में रहा। पूरे घटनाक्रम के खुलासा कराने में अमर उजाला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। इन हत्याओं के बाद पुलिस हवा में तीर चला रही थी तभी शव मिलने के तीसरे दिन अमर उजाला टीम के सदस्यों ने कंधवनिया-सगवारा मार्ग पर दो बैग मिलने और उसमें से हत्यारोपी अवधेश के नाम का पैन कार्ड मिलने की सूचना राजापुर पुलिस को दी।
जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा होता रहा। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र से लेकर सीओ महेंद्र शुक्ला व प्रभारी थानाध्यक्ष संतशरण सिंह का भी मानना है कि अमर उजाला ने जो बैग से सबूत दिलाए आखिर में वही इसके खुलासे में मददगार साबित हुए।
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इसके बाद भी आरोपी दंपति शवों को उठाकर बाइक में रखा। क्या कोई यह कल्पना कर सकता है कि पांचों की हत्या एक छोटे चाकू से की गई है। यह चाकू बाजार से मात्र दस रुपये में ही खरीदा गया था।
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बिहार के पटना जिले बख्तियारपुर के माधवपुर निवासी सत्यानंद की पत्नी लालमुनी उर्फ रीना(39), उसकी पुत्री रीता(11), संगीता (9), गीता (4) व किशुन (4) गुजरात के नुनवा जिला कच्छ में रहते थे। वहीं अवधेश से रीना ने अघोषित शादी कर ली और साथ वह भी रहने लगा।
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लगभग डेढ़ साल बाद अवधेश उन्हें लेकर कर्वी आया था। मंगलवार को आरोपी अवधेश की आंखों मेें तनिक भी पछतावा नहीं था। उसने बताया कि रीना व उसके बच्चों को राजापुर में ही रखना चाहता था।
गुजरात में यही तय भी हुआ था लेकिन गांव आकर रीना बदल गई और यहीं रहने की जिद करने लगी। जिससे मजबूर होकर उसने सबको रास्ते से हटा दिया। आरोपी मंटू देवी ने कहा कि उसके बच्चे नहीं हैं लेकिन इन बच्चों को अपने पास रखने से हत्या का सबूत बनता। दोनों ने खुद को बचाने के लिए ही पूरा सबूत मिटाने का प्रयास किया था।
पहले ही बना थी योजना
चित्रकूट। हत्यारोपी अवधेश ने बताया कि 18 अप्रैल को गुजरात से आने के बाद वह 25 अप्रैल को रीना व उसके बच्चों को चित्रकूट घुमाने लाया था। इसके बाद राजापुर की ही एक दुकान से दस रुपये का चाकू खरीदा था। अंधेरा होने पर वह बाइक से पांचों को बैठाकर अमान गांव आया था। इसी चाकू से सबका गला रेत दिया। पहले रीना व उसके छोेटे पुत्र को मारा फिर अन्य को मार डाला।
चाकू लिए करता रहा दर्शन
चित्रकूट। हत्यारोपी अवधेश व उसकी पत्नी मंटू ने बताया कि हत्या करने के बाद से इलाहाबाद गए जहां संगम में स्नान किया। चित्रकूटधाम के मंदिरों के दर्शन कर मैहर देवी दर्शन करने गया। सतना के भी कई मंदिरों में दर्शन किए। इस दौरान वह आसानी से हत्या में प्रयुक्त चाकू साथ रखे रहा। इससे पुलिस की सघन जांच पर भी कई सवाल उठते हैं।
अन्य किसी को नहीं करेंगे परेशान
राजापुर। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोेपेंद्र से लेकर राजापुर सीओ महेंद्र शुक्ला ने भरोसा दिलाया है कि हत्यारोपी के पकड़े जाने के बाद अब किसी भी परिजन या रिश्तेदार को पुलिस परेशान नहीं करेगी। राजकरण की पुत्री के विवाह संबध पर भी कोई रोक नहीं है।
अमर उजाला ने कराया हत्याकांड का खुलासा
चित्रकूट। जिला ही नहीं वरन कई प्रदेशों में पांच लोगों की हत्या मामला चर्चा में रहा। पूरे घटनाक्रम के खुलासा कराने में अमर उजाला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। इन हत्याओं के बाद पुलिस हवा में तीर चला रही थी तभी शव मिलने के तीसरे दिन अमर उजाला टीम के सदस्यों ने कंधवनिया-सगवारा मार्ग पर दो बैग मिलने और उसमें से हत्यारोपी अवधेश के नाम का पैन कार्ड मिलने की सूचना राजापुर पुलिस को दी।
जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा होता रहा। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र से लेकर सीओ महेंद्र शुक्ला व प्रभारी थानाध्यक्ष संतशरण सिंह का भी मानना है कि अमर उजाला ने जो बैग से सबूत दिलाए आखिर में वही इसके खुलासे में मददगार साबित हुए।