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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   In the context of the infamous bandits, the laureate prize of Mahendra

कुख्यात डाकुओं की संगत में महेंद्र बना लखटकिया इनामी

Thu, 05 Jul 2018 10:56 PM IST
कुख्यात डाकुओं की संगत में महेंद्र बना लखटकिया इनामी
कुख्यात डाकुओं की संगत में महेंद्र बना लखटकिया इनामी Updated Thu, 05 Jul 2018 10:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। रैपुरा थाने के गौरिया देशाह निवासी लखपत पासी का पुत्र महेंद्र उर्फ धोनी जब बीहड़ के रास्ते पहुंचा तो उसके अंदाज व फुर्ती को देख सभी डाकू सरगनाओं ने इसे हाथों हाथ लिया। पहले डाकू बलखड़िया गैंग के साथ छह माह रहा। लेकिन उसके चाल चलन के कारण भगा दिया गया। वह गैंग की एक रायफल भी साथ ले गया था। जिससे उसे तत्काल बलखड़िया के दुश्मन डाकू गौरी यादव गैंग में जगह मिल गई। जहां दो साल बाद गोप्पा उर्फ रामगोपाल का खास दोस्त बनकर अलग गैंग बना लिया।
 इसके अपराध एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा के साथ ही सामने आने शुरू हुए। पहाड़ी राजापुर क्षेत्र में शिक्षकों से वसूली और फिर ओरा गांव में तिहरा हत्याकांड कर यह सुर्खियों में आया। गैंग के सरदार गोप्पा के कथित मुठभेड़ में पुलिस एसटीएफ के हत्थे चढ़ने के बाद वह गैंग का सरदार बन गया लेकिन गोप्पा के भांजे रजउआ यादव को यह मंजूर नहीं था। सरगना रजउआ बना जिसे कुछ माह बाद महेंद्र ने अपहरण में मिली रकम के बंटवारे को लेकर मौत की नींद सुला दी। इसके बाद लगातार मप्र व यूपी क्षेत्र के जिलों में अपहरण व हत्या कर रंगदारी वसूल कर गैंग चला रहा था। यूपी व एमपी से एक लाख का इनामी बन बैठा।
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दो दर्जन मामलों में छह हत्या शामिल
चित्रकूट। अपराध की दुनिया में कदम जमाने के बाद डाकू महेंद्र ने डाकू गौरी यादव के साथ पहले दिल्ली के दरोगा की हत्या में शामिल हुआ। इसके बाद गोप्पा के साथ ओरा में तिहरा हत्याकांड किया। इस पर चित्रकूट, सतना व रींवा जिले के कई थानों में छह हत्याओं समेत 24 मुकदमें दर्ज हैं।
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2017, सितंबर में बना 25 हजार का इनामी
चित्रकूट। गोप्पा के जेल जाने के बाद पुलिस का ध्यान महेंद्र डाकू पर गया। एसपी चित्रकूट मनोज कुमार झा ने बताया कि 18 सितंबर 2017 को इसे 25 हजार का इनामी बनाया गया। इस पर मप्र से भी 30 हजार का इनामी बनाया गया। 27 नवंबर 2017 को यूपी पुलिस ने इस पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। उधर डभौरा मप्र थाना प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि डाकू महेंद्र पासी उर्फ धोनी पर इनाम बढ़कर 50 हजार स्वीकृ़त हो चुका है। इस प्रकार यह एक लाख का इनामी बना।

छह भाइयों में दो गए जेल
चित्रकूट। सात भाइयों में महेंद्र पर आरोप है कि वह अपने गैंग में अपने भाइयों की मदद लेता था। जिस कारण उसके दो भाई मथुरा व ममी पासी को पुलिस जेल भेज चुकी है। इसका परिवार गांव में मजदूरी करता है। कई बार पुलिस टीम ने डाकू महेंद्र के गांव गौरिया देशाह आने की सूचना पर घर पर छापेमारी भी की थी। जिस पर परिवार के कई सदस्य मुख्यालय आकर एसपी से पुलिस की ज्यादती की शिकायत की थी।



अय्याशी से शुरू हुआ बागी जीवन का अंत

चित्रकूट। गांव में छिटपुट बदमाशी करने वाला महेंद्र बेहद आशिक मिजाज था। उसकी हरकतों से पूरा परिवार परेशान रहता था। इसी अय्याशी के चलते वह सन् 2010 में गांव की एक युवती को लेकर भाग गया था। जिसमें उसके खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद वह कभी सार्वजनिक जीवन में नहीं लौट पाया। शुरू से लेकर अंततक वह बेहद महत्वाकांक्षी व अय्याश होने के कारण पाठा जंगल छोड़कर सीमावर्ती जिला इलाहाबाद गया था। जहां वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसके बागी जीवन का खात्मा हो गया।

लंबे बाल से मिला धोनी उपनाम
चित्रकूट। गौरिया देशाह के ग्रामीणों ने बताया कि पहले इसे गांव में महेंद्र कहकर पुकारते थे। यह फिल्मों का शौकीन था। बड़े-बड़े बाल रखने के कारण इसका उपनाम धोनी से जुड़ गया। उस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के महेंद्र सिंह धोनी भी बड़े बाल रखते थे।

परिजनों के चेहरे उदास लेकिन संतोष
चित्रकूट। डाकू महेंद्र पासी के मारे जाने की सूचना गुुरुवार की सुबह उसके गांव देशाह पहुंची तो ग्रामीणों व परिजनों को विश्वास नहीं हुआ। पहले सभी ने कहा कि वह इलाहाबाद कैसे पहुंच गया। इसके बाद सभी के चेहरे उदास हो गए। कुछ देर बाद उसके परिजनों व ग्रामीणों ने कहा कि चलो अब पुलिस तो बार बार आकर किसी को परेशान तो नहीं करेगी। जबतक वह था तो आए दिन पुलिस गांव आकर मारपीट व महिलाओं के साथ अभद्रता करती थी।

बचे गैंग के  तीन सदस्य गायब
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा के अनुसार डाकू महेंद्र पासी के पास कोई खास बड़ा गैंग नहीं था। वह पुलिस रिकार्ड में डी-13 में अंकित था। इस समय गैंग में कुल चार सदस्य होने की सूचना थी। सरगना के मारे जाने के बाद बाकी तीन की तलाश की जा रही है। जो फिलहाल गायब हैं। अब इस गैंग के फिर से तैयार होने की संभावना नहंी है।


जिले में बचे दो इनामी गैंग
चित्रकूट। डी-13 डाकू महेंद्र पासी के मारे जाने के बाद अब जिले में साढ़े पांच लाख का इनामी डाकू बबुली कोल व एक लाख तीस हजार का इनामी डाकू गौरी यादव गैंग बचे हैं। एसपी ने बताया कि इन डकैतों के खिलाफ भी कोई रियायत नहीं की जाएगी।
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