{"_id":"59cd17354f1c1bcb538b4d65","slug":"hospital-accused-of-negligence-on-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में मरीज की मौत पर लापरवाही का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अस्पताल में मरीज की मौत पर लापरवाही का आरोप
चित्रकूट
Updated Thu, 28 Sep 2017 09:07 PM IST
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। इलाज के दौरान अस्पताल में मरीज की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। डॉक्टर ने आरोपों को गलत बताकर मरीज के परिजनों पर ही लापरवाही का आरोप लगाया है।
कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर के कामतन मोड़ पर प्रसाद की दुकान चलाने वाले शिवशरण गुप्ता(35) का स्वास्थ्य खराब होने पर गुरुवार को परिजन जिला अस्पताल लेकर आए।
उनके साले पहाड़ी निवासी शिवमंगल ने बताया कि बहनोई को सुगर की बीमारी थी। उनका कानपुर में कई माह से इलाज चल रहा था। बुधवार को अस्पताल लाए तो वहां जांच कराने को कहा गया। जांच कराने पहुंचे तो पैथॉलाजी लैब में कहा गया कि आज समय समाप्त हो गया है कल आना।
विज्ञापन
इसके बाद वह मरीज को लेकर सीतापुर चले गए। गुरुवार की सुबह फिर इलाज कराने पहुंचे तो ड्यूटी में मौजूद डाक्टर को दिखाया। उन्होंने जांच कराने को कहा। आरोप लगाया कि जांच कराने की रिपोर्ट दोपहर तक नहीं मिली। इस बीच मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने कोई इलाज नहीं किया। जिससे कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई।
मृतक के साले ने डाक्टर व पैथालॉजी लैब संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पूरे मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने कहा कि जांच कराना भी तो जरूरी है। बिना जांच के मरीज की दवा करना खतरे भरा होता है। इस मरीज का इलाज पहले से चल रहा था। यदि हालत सीरियस थी तो मरीज को बुधवार को घर ले जाने की बजाए अस्पताल में ही भर्ती कराते तो शायद कुछ इलाज हो पाता।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर के कामतन मोड़ पर प्रसाद की दुकान चलाने वाले शिवशरण गुप्ता(35) का स्वास्थ्य खराब होने पर गुरुवार को परिजन जिला अस्पताल लेकर आए।
विज्ञापन
उनके साले पहाड़ी निवासी शिवमंगल ने बताया कि बहनोई को सुगर की बीमारी थी। उनका कानपुर में कई माह से इलाज चल रहा था। बुधवार को अस्पताल लाए तो वहां जांच कराने को कहा गया। जांच कराने पहुंचे तो पैथॉलाजी लैब में कहा गया कि आज समय समाप्त हो गया है कल आना।
विज्ञापन
इसके बाद वह मरीज को लेकर सीतापुर चले गए। गुरुवार की सुबह फिर इलाज कराने पहुंचे तो ड्यूटी में मौजूद डाक्टर को दिखाया। उन्होंने जांच कराने को कहा। आरोप लगाया कि जांच कराने की रिपोर्ट दोपहर तक नहीं मिली। इस बीच मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने कोई इलाज नहीं किया। जिससे कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई।
मृतक के साले ने डाक्टर व पैथालॉजी लैब संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पूरे मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने कहा कि जांच कराना भी तो जरूरी है। बिना जांच के मरीज की दवा करना खतरे भरा होता है। इस मरीज का इलाज पहले से चल रहा था। यदि हालत सीरियस थी तो मरीज को बुधवार को घर ले जाने की बजाए अस्पताल में ही भर्ती कराते तो शायद कुछ इलाज हो पाता।