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हरकत नहीं छोड़ी इसलिए मारा गया डाकू राजू
चित्रकूट
Updated Wed, 10 May 2017 11:32 PM IST
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धमकी के बाद बढ़ाई गई इलाहाबाद स्टेशन की सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर नजर
- फोटो : SELF
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भरतकूप(चित्रकूट)। भगवतपुर गांव का माहौल दूसरे दिन बुधवार को बेहद शांत लेकिन लोगों के चेहरे में आशंका का भययुक्त दिखा। डाकू राजू ठाकुर के मारे जाने के बाद भुक्तभोगी परिवार के लोग और महिलाओं में राहत थी तो कुछ बुजुर्गों ने बचे गैंग से हमले की आशंका जताई।
कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इसी गांव में पला बढ़ा राजू से कई बार कहा गया कि क्षेत्र में गलत हरकत मत करो लेकिन शराब और शबाब के चक्कर में वह जान पहचान वालों को ही शिकार बनाने लगा था। जिससे आक्रोश था और सोमवार की रात को जब ग्रामीण को गोली मार दी तो बर्दाश्त के बाहर हो गया था।
गौरतलब है कि चित्रकूट-बांदा जिले की सीमा के पास बसे भगवतपुर गांव में डाकुओं की हरकतों से आजिज आकर सोमवार की रात को एक बारात के दौरान उसे घेरकर मार डाला था और रायफल छीनकर तोड़ डाली । गैंग के बाकी सदस्य असलहे समेत भाग निकले थे।
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इस घटना के बाद गांव में पीएसी बल तो तैनात है जिससे ग्रामीण निश्चिंत हैं लेकिन आशंका जता रहे हैं कि बचा गैंग सरगना की मौत का बदला लेने के लिए कभी भी ग्रामीणों को कोपभजन का शिकार बना सकते हैं। गांव के रज्जू सोनकर, संतोष कुमार और रामनारायण ने बताया कि राजू ठाकुर की तीन माह से हरकतें ज्यादा बढ़ र्गई थी।
गांव घर की ही बहू बेटियों पर बुरी नजर रखने लगा था। जिससे उसके मारे जाने से राहत है। वहीं कुछ बुजुर्ग चुनकू प्रसाद व बाबूलाल ने बताया कि वर्षों बाद यह क्षेत्र डकैतों से मुक्त हुआ था लेकिन राजू ने फिर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया उसका जल्द ही खात्मा होने से पूरे क्षेत्रवासियों को लाभ है।
पुलिस सुरक्षा तैनात,ढूंढ रहे बचे सदस्य
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि भगवतपुर के ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए पीएसी बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों की आशंका का समाधान कराया जा रहा है। बचे डकैतों को दबोचने के भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार व एंटी डकैती टीम की दो टीमें गठित हैं। जो जंगलों व संभावित स्थानों पर डकैतों की तलाश कर रहीं हैं।
बचे गैंग के सदस्यों का गन पावर
भरतकूप। मारे गए डाकू राजू ठाकुर का फिलहाल नवोदित गैंग था। जिसमें पांच सदस्य बताए जाते हैं और उनके पास दो रायफल और तीन तमंचे के अलावा चाकू जैसे औजार हैं। सरगना के मरने व एक रायफल बरामद होने पर अब भागे चार सदस्यों के पास एक रायफल व तमंचे बचे हैं। पुलिस के अलावा स्थानीय लोगाें के अनुसार राजू के साथ मामा पटेल टेडमुहा और तीन अज्ञात आस पास के लोग ही हैं।
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कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इसी गांव में पला बढ़ा राजू से कई बार कहा गया कि क्षेत्र में गलत हरकत मत करो लेकिन शराब और शबाब के चक्कर में वह जान पहचान वालों को ही शिकार बनाने लगा था। जिससे आक्रोश था और सोमवार की रात को जब ग्रामीण को गोली मार दी तो बर्दाश्त के बाहर हो गया था।
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गौरतलब है कि चित्रकूट-बांदा जिले की सीमा के पास बसे भगवतपुर गांव में डाकुओं की हरकतों से आजिज आकर सोमवार की रात को एक बारात के दौरान उसे घेरकर मार डाला था और रायफल छीनकर तोड़ डाली । गैंग के बाकी सदस्य असलहे समेत भाग निकले थे।
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इस घटना के बाद गांव में पीएसी बल तो तैनात है जिससे ग्रामीण निश्चिंत हैं लेकिन आशंका जता रहे हैं कि बचा गैंग सरगना की मौत का बदला लेने के लिए कभी भी ग्रामीणों को कोपभजन का शिकार बना सकते हैं। गांव के रज्जू सोनकर, संतोष कुमार और रामनारायण ने बताया कि राजू ठाकुर की तीन माह से हरकतें ज्यादा बढ़ र्गई थी।
गांव घर की ही बहू बेटियों पर बुरी नजर रखने लगा था। जिससे उसके मारे जाने से राहत है। वहीं कुछ बुजुर्ग चुनकू प्रसाद व बाबूलाल ने बताया कि वर्षों बाद यह क्षेत्र डकैतों से मुक्त हुआ था लेकिन राजू ने फिर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया उसका जल्द ही खात्मा होने से पूरे क्षेत्रवासियों को लाभ है।
पुलिस सुरक्षा तैनात,ढूंढ रहे बचे सदस्य
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि भगवतपुर के ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए पीएसी बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों की आशंका का समाधान कराया जा रहा है। बचे डकैतों को दबोचने के भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार व एंटी डकैती टीम की दो टीमें गठित हैं। जो जंगलों व संभावित स्थानों पर डकैतों की तलाश कर रहीं हैं।
बचे गैंग के सदस्यों का गन पावर
भरतकूप। मारे गए डाकू राजू ठाकुर का फिलहाल नवोदित गैंग था। जिसमें पांच सदस्य बताए जाते हैं और उनके पास दो रायफल और तीन तमंचे के अलावा चाकू जैसे औजार हैं। सरगना के मरने व एक रायफल बरामद होने पर अब भागे चार सदस्यों के पास एक रायफल व तमंचे बचे हैं। पुलिस के अलावा स्थानीय लोगाें के अनुसार राजू के साथ मामा पटेल टेडमुहा और तीन अज्ञात आस पास के लोग ही हैं।