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बाघ के तीन हत्यारोपियों में दो को पुलिस ने दबोचा
Sun, 19 May 2019 11:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
chitrakoot
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 May 2019 11:39 PM IST
सार
तीसरा भागने में सफल , दो दिन के अंदर पकड़ने का दावा
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
चित्रकूट। बाघ की हत्या करने के मामले में वन विभाग की अभिरक्षा से फरार दो हत्यारोपियों को पुलिस ने चौथे दिन अमिरती जंगल से पकड़ लिया। तीसरा फरार आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इस मामले में पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों की हो रही कि रकिरी कुछ हद तक कम हुई है। सतना एसपी ने मझगवा थाने के प्रभारी व उनकी टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
रविवार की सुबह जिले की सीमा से सटे मझगवा जिला सतना मप्र के कररिया गांव के अमिरती जंगल में फरार आरोपियों की मौजूदगी की सूचना पर घेराबंदी शुरू की। लगभग एक घंटे के प्रयास के बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ पाई। जिसमें आरोपी राजेश उर्फ धीरू मवाशी पुत्र रामलोलार व रज्जन कोल पुत्र ढुकू वा निवासी गण साकिन अमिरती थे। तीसरा आरोपी ज्वाला चौधरी भागने में सफल रहा। रविवार की शाम को पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इक बाल ने बताया कि तीसरे फरार आरोपी को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। जिसकी लोकेशन मिल रही है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अनिल कोल की पहले से तलाश की जा रही है। इस सफलता के बाद वन विभाग व पुलिस को बड़ी राहत मिली है। पुलिस अधीक्षक ने मझगवा थाना प्रभारी ओपी सिंह व उनकी टीम के साथ वन विभाग के बरौंधा रेंजर दिग्विजय सिंह और उनकी टीम के प्रयास की प्रशंसा कर दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सोचा था नहीं पकड़े जाएंगे तो पहुंचेंगे डकैतों के पास
हत्यारोपी राजेश व रज्जन ने बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि वह पकड़े नहीं जाएंगे और आराम से जंगल के रास्ते ही डकैतों तक पहुंचेेंगे। फरार होने की रात को वह अपने घर भी गए थे। कुछ देर तक रुकने के बाद यूपी सीमा के जंगलों में ही समय काट रहे थे। अचानक पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। जानकार सूत्रों के अनुसार फरार आरोपी आराम से वन विभाग के रेस्ट हाउस से निकल गए थे। ड्यूटी में लगे वनकर्मी इनकी सुरक्षा के प्रति लापरवाह थे। जिस कमरे में इन्हें रखा गया था। उसका दरवाजा काफी देर रात तक खुला रहा। इस मामले में एसपी सतना ने बताया कि दोनो आरोपियों को अदालत में हाजिर कर एक दिन की रिमांड लेंगे। इसके बाद किस तरह से यह भागे और कहां कहां रहे इसकी जानकारी ली जाएगी।
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यह था मामला
जिले की सीमा से सटे मझगवा मप्र के वनक्षेत्र अमिरती में 12 मई की रात को तालाब के पास करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया था। जिसमें रज्जन कोल, राजेश मवासी, ज्वाला चौधरी व अनिल कोल के खिलाफ 13 मई को वन विभाग की टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें अनिल को छोड़ तीनों को पकड़ा गया था। 14 मई को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन की रिमांड पर लिया गया। था 15 मई को रिमांड में पूछताछ के बाद रात को उन तीनों को मझगवा के रेस्ट हाउस में रखा गया। इसी रात को तीनों फरार हो गए थे।
फोटो नंबर- 10 परिचय- जानकारी देते पुलिस अधिकारी व मौजूद पकड़े गए फरार बाघ के हत्यारोपी।
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रविवार की सुबह जिले की सीमा से सटे मझगवा जिला सतना मप्र के कररिया गांव के अमिरती जंगल में फरार आरोपियों की मौजूदगी की सूचना पर घेराबंदी शुरू की। लगभग एक घंटे के प्रयास के बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ पाई। जिसमें आरोपी राजेश उर्फ धीरू मवाशी पुत्र रामलोलार व रज्जन कोल पुत्र ढुकू वा निवासी गण साकिन अमिरती थे। तीसरा आरोपी ज्वाला चौधरी भागने में सफल रहा। रविवार की शाम को पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इक बाल ने बताया कि तीसरे फरार आरोपी को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। जिसकी लोकेशन मिल रही है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अनिल कोल की पहले से तलाश की जा रही है। इस सफलता के बाद वन विभाग व पुलिस को बड़ी राहत मिली है। पुलिस अधीक्षक ने मझगवा थाना प्रभारी ओपी सिंह व उनकी टीम के साथ वन विभाग के बरौंधा रेंजर दिग्विजय सिंह और उनकी टीम के प्रयास की प्रशंसा कर दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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सोचा था नहीं पकड़े जाएंगे तो पहुंचेंगे डकैतों के पास
हत्यारोपी राजेश व रज्जन ने बताया कि उन्हें यह विश्वास था कि वह पकड़े नहीं जाएंगे और आराम से जंगल के रास्ते ही डकैतों तक पहुंचेेंगे। फरार होने की रात को वह अपने घर भी गए थे। कुछ देर तक रुकने के बाद यूपी सीमा के जंगलों में ही समय काट रहे थे। अचानक पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। जानकार सूत्रों के अनुसार फरार आरोपी आराम से वन विभाग के रेस्ट हाउस से निकल गए थे। ड्यूटी में लगे वनकर्मी इनकी सुरक्षा के प्रति लापरवाह थे। जिस कमरे में इन्हें रखा गया था। उसका दरवाजा काफी देर रात तक खुला रहा। इस मामले में एसपी सतना ने बताया कि दोनो आरोपियों को अदालत में हाजिर कर एक दिन की रिमांड लेंगे। इसके बाद किस तरह से यह भागे और कहां कहां रहे इसकी जानकारी ली जाएगी।
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यह था मामला
जिले की सीमा से सटे मझगवा मप्र के वनक्षेत्र अमिरती में 12 मई की रात को तालाब के पास करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया था। जिसमें रज्जन कोल, राजेश मवासी, ज्वाला चौधरी व अनिल कोल के खिलाफ 13 मई को वन विभाग की टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें अनिल को छोड़ तीनों को पकड़ा गया था। 14 मई को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन की रिमांड पर लिया गया। था 15 मई को रिमांड में पूछताछ के बाद रात को उन तीनों को मझगवा के रेस्ट हाउस में रखा गया। इसी रात को तीनों फरार हो गए थे।
फोटो नंबर- 10 परिचय- जानकारी देते पुलिस अधिकारी व मौजूद पकड़े गए फरार बाघ के हत्यारोपी।
तीसरा भागने में सफल , दो दिन के अंदर पकड़ने का दावा