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डाकू जियालाल कोल को दस साल कैद की सजा
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:07 PM IST
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डाकू जियालाल कोल को दस साल कैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमला करने का दोष सिद्ध होने पर अंतर्राज्यीय इनामी दस्यु जियालाल कोल को न्यायालय ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा के साथ अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन अधिकारी विवेकचंद्रा ने बताया कि 28 फ रवरी 2008 को तत्कालीन एसओजी प्रभारी कमल सिंह यादव को सूचना मिली थी कि अंतर्राज्यीय ईनामी अपराधी जियालाल कोल मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर से जंगल के रास्ते एलहा गांव किसी वारदात को अंजाम देेने वाला है। सूचना पर एसओजी प्रभारी कमल सिंह यादव और तत्कालीन मानिकपुर थाना प्रभारी चिरंजीव मोहन ने पुलिस टीम के साथ मोर्चे बंदी कर ली। इस दौरान दस्यु जियालाल कोल के आने पर पुलिस टीम ने उसे रूकने के लिए कहा तो वह फ ायरिंग करने लगा। जिसे कुछ देर बाद पुलिस ने दबोच लिया। दस्यु जियालाल के पास रायफ ल और कारतूस बरामद हुए थे। उसने बताया कि यह राइफ ल लौघटा निवासी चंदन यादव की है। जिसकी हत्या करने के बाद दस्यु राधे ने यह राइफ ल लूटी थी और दस्यु राधे के पास से वह सपहा से भाग आया था।
पुलिस ने इस मामले में दस्यु जियालाल कोल के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज सुभाष सिंह ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त जियालाल कोल को दस वर्ष सश्रम कारावास और 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमला करने का दोष सिद्ध होने पर अंतर्राज्यीय इनामी दस्यु जियालाल कोल को न्यायालय ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा के साथ अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन अधिकारी विवेकचंद्रा ने बताया कि 28 फ रवरी 2008 को तत्कालीन एसओजी प्रभारी कमल सिंह यादव को सूचना मिली थी कि अंतर्राज्यीय ईनामी अपराधी जियालाल कोल मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर से जंगल के रास्ते एलहा गांव किसी वारदात को अंजाम देेने वाला है। सूचना पर एसओजी प्रभारी कमल सिंह यादव और तत्कालीन मानिकपुर थाना प्रभारी चिरंजीव मोहन ने पुलिस टीम के साथ मोर्चे बंदी कर ली। इस दौरान दस्यु जियालाल कोल के आने पर पुलिस टीम ने उसे रूकने के लिए कहा तो वह फ ायरिंग करने लगा। जिसे कुछ देर बाद पुलिस ने दबोच लिया। दस्यु जियालाल के पास रायफ ल और कारतूस बरामद हुए थे। उसने बताया कि यह राइफ ल लौघटा निवासी चंदन यादव की है। जिसकी हत्या करने के बाद दस्यु राधे ने यह राइफ ल लूटी थी और दस्यु राधे के पास से वह सपहा से भाग आया था।
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पुलिस ने इस मामले में दस्यु जियालाल कोल के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज सुभाष सिंह ने बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त जियालाल कोल को दस वर्ष सश्रम कारावास और 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी है।
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