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चित्रकूट व रहिकवारा की घटना में पुलिस फेल
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एक माह पूर्व ही जानकीकुंड से जुड़वां बच्चों का हुआ था अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे सतना के नागौद थाना अंतर्गत कुछ उसी तरह की घटना हुई जो लगभग एक माह पूर्व चित्रकूट के जानकीकुंड स्थित सदगुुरु स्कूल से हुई थी। मासूम बच्चे का अपहरण कर दो लाख की फिरौती मांगी फिर उसका रस्सी से गला दबाकर मार डाला। बोरे में शव भरकर तालाब में फेंक दिया। इस घटना की जानकारी होते ही चित्रकूट क्षेत्र फिर सहम गया। सबकी आंखों के सामने 12 फरवरी को जुड़वां प्रियांश व श्रेयांश के अपहरण के बाद फिरौती लेकर हत्या कर नदी में फेंकने का मार्मिक दृश्य सामने आ गया। जुड़वा बच्चों के परिजन जानकारी होने पर भयभीत हो गए।
इस घटना में कई समानताएं रहीं। 12 फरवरी को दिनदहाड़े जानकीकुंड से छह साल के जुड़वां बच्चों को अपहरण कर फिरौती मांगी गई थी। अब 12 मार्च को दिनदहाडे़ नागौद थाने के रहिकवारा गांव में छह साल के शिवकांत का अपहरण कर फिरौती मांगी। इसमें फिरौती तो नहीं पहुंची लेकिन ठीक उसी तरह बच्चों का गला दबाकर फेंका गया। चित्रकूट के जुड़वां बच्चों को नदी में और रहिकवारा के बच्चे को तालाब में फेंका गया। दोनों घटनाओं में पुलिस की लापरवाही और पूरा सिस्टम फेल ही नजर आया।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे सतना के नागौद थाना अंतर्गत कुछ उसी तरह की घटना हुई जो लगभग एक माह पूर्व चित्रकूट के जानकीकुंड स्थित सदगुुरु स्कूल से हुई थी। मासूम बच्चे का अपहरण कर दो लाख की फिरौती मांगी फिर उसका रस्सी से गला दबाकर मार डाला। बोरे में शव भरकर तालाब में फेंक दिया। इस घटना की जानकारी होते ही चित्रकूट क्षेत्र फिर सहम गया। सबकी आंखों के सामने 12 फरवरी को जुड़वां प्रियांश व श्रेयांश के अपहरण के बाद फिरौती लेकर हत्या कर नदी में फेंकने का मार्मिक दृश्य सामने आ गया। जुड़वा बच्चों के परिजन जानकारी होने पर भयभीत हो गए।
इस घटना में कई समानताएं रहीं। 12 फरवरी को दिनदहाड़े जानकीकुंड से छह साल के जुड़वां बच्चों को अपहरण कर फिरौती मांगी गई थी। अब 12 मार्च को दिनदहाडे़ नागौद थाने के रहिकवारा गांव में छह साल के शिवकांत का अपहरण कर फिरौती मांगी। इसमें फिरौती तो नहीं पहुंची लेकिन ठीक उसी तरह बच्चों का गला दबाकर फेंका गया। चित्रकूट के जुड़वां बच्चों को नदी में और रहिकवारा के बच्चे को तालाब में फेंका गया। दोनों घटनाओं में पुलिस की लापरवाही और पूरा सिस्टम फेल ही नजर आया।
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