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ट्रेन डकैती के स्वाट टीम के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:15 PM IST
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ट्रेन डकैती: स्वाट टीम के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग के मानिकपुर पनहाई स्टेशन के आउटर पर गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन में डकैती मामले में कुछ दिन पूर्व पकड़े गए एक अन्य इनामी को लेकर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में पाया कि इनामी आदित्य को दस दिन तक पुलिस टीम अपने पास रखी थी और वह एक बार भाग भी गया था। यह भी आरोप है कि बदमाश के पास मौजूद लाखों रुपये भी पुलिस टीम ने हड़पने का प्रयास किया। इसका खुलासा होने पर रेलवे जीआरपी आईजी ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है। अब उनकी गोपनीय जांच शुुरू हो गई है। खासकर स्वाट टीम निशाने पर है।
दो/तीन सितंबर की रात को चेन्नई से पटना जा रही गंगा कावेरी ट्रेन को डकैतों ने पनहाई स्टेशन आउटर पर ट्रेन रोककर दक्षिण भारतीय यात्रियों को पीटकर लाखों रुपये की डकैती डाली थी। डकैती में शामिल दस हजार के इनामी आदित्य को पुलिस ने घटना के कुछ दिन बाद मुखबिर की सूचना पर अतर्रा बांदा स्टेशन से पकड़ लिया था। उसके कब्जे से लूट के लाखों रुपये बरामद हुए थे। पुलिस टीम ने गोपनीय तरीके से आदित्य को दस दिन बिसंडा थाने मे रखा। इसके बाद स्वाट टीम प्रभारी संतोष सिंह, डीआईजी कार्यालय में तैनात हेडकांस्टेबल लालजी तिवारी, कांस्टेबल शिवाकांत शुक्ला और कांस्टेबल रमेश गौतम, अंकुर राजपूत, निसार अहमद, अरविंद यादव लुटेरे आदित्य को बांदा ले गए। यहां ट्रेन डकैती के मुख्य अभियुक्त लूलू पटेल को पकड़ने के नाम पर बदमाश आदित्य को लेकर लखनऊ, इलाहाबाद, रींवा और सतना आदि जगह गए। सूत्रों की माने तो बीती तीन अक्तूूबर को आदित्य एक सिपाही के आवास से फरार हो गया। पुलिस हाथ मलती रह गई।
उधर, इसकी जानकारी इलाहाबाद जीआरपी आईजी बीआर मीणा को मुखबिरों ने दे दी। इसके बाद मुखबिरों की मदद से आईजी ने दस हजार के इनामी आदित्य को 15 अक्तूबर को भिंड (मप्र) के उमरी से दबोच लिया। 17 को उसे मानिकपुर लाकर अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। इस दौरान पूछताछ में बदमाश आदित्य ने आईजी के सामने पूरा मामला खोल कर रख दिया। कि उसे 10 दिन तक पुलिस टीम छिपाए रही और रकम डकार गई। उधर, इस मामले को आईजी मीणा ने गंभीरता से लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है। अब स्वाट टीम प्रभारी और पुलिस कर्मियों के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कराई गई है।
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पहले पकड़े गए आरोपी भी संदेह के घेरे में
चित्रकूट। गंगा कावेरी ट्रेन में डकैती मामले में अब तक जीआरपी ने इनामी आदित्य के पूर्व छह आरोपियों को पकड़ा है। जिसमें कुछ शंकरगढ़ व मप्र क्षेत्र के हैं। जिस तरह से यह खुलासा हो रहा है कि उससे तो पहले पकड़े गए ट्रेन डकैती के आरोपियों की गिरफ्तारी भी संदेह के घेरे में आ गई है। इस मामले में जीआरपी आईजी बीआर मीणा ने बताया कि यह आरोप गलत हैं। इसका खुलासा करने के लिए लगातार पुलिस टीमों ने जंगल में रूककर सर्चिंग की। सर्विलांस के जरिए और चार टीमों की खोजबीन के बाद इन्हें पकड़ा गया है। सरगना लूलू को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग के मानिकपुर पनहाई स्टेशन के आउटर पर गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन में डकैती मामले में कुछ दिन पूर्व पकड़े गए एक अन्य इनामी को लेकर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में पाया कि इनामी आदित्य को दस दिन तक पुलिस टीम अपने पास रखी थी और वह एक बार भाग भी गया था। यह भी आरोप है कि बदमाश के पास मौजूद लाखों रुपये भी पुलिस टीम ने हड़पने का प्रयास किया। इसका खुलासा होने पर रेलवे जीआरपी आईजी ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है। अब उनकी गोपनीय जांच शुुरू हो गई है। खासकर स्वाट टीम निशाने पर है।
दो/तीन सितंबर की रात को चेन्नई से पटना जा रही गंगा कावेरी ट्रेन को डकैतों ने पनहाई स्टेशन आउटर पर ट्रेन रोककर दक्षिण भारतीय यात्रियों को पीटकर लाखों रुपये की डकैती डाली थी। डकैती में शामिल दस हजार के इनामी आदित्य को पुलिस ने घटना के कुछ दिन बाद मुखबिर की सूचना पर अतर्रा बांदा स्टेशन से पकड़ लिया था। उसके कब्जे से लूट के लाखों रुपये बरामद हुए थे। पुलिस टीम ने गोपनीय तरीके से आदित्य को दस दिन बिसंडा थाने मे रखा। इसके बाद स्वाट टीम प्रभारी संतोष सिंह, डीआईजी कार्यालय में तैनात हेडकांस्टेबल लालजी तिवारी, कांस्टेबल शिवाकांत शुक्ला और कांस्टेबल रमेश गौतम, अंकुर राजपूत, निसार अहमद, अरविंद यादव लुटेरे आदित्य को बांदा ले गए। यहां ट्रेन डकैती के मुख्य अभियुक्त लूलू पटेल को पकड़ने के नाम पर बदमाश आदित्य को लेकर लखनऊ, इलाहाबाद, रींवा और सतना आदि जगह गए। सूत्रों की माने तो बीती तीन अक्तूूबर को आदित्य एक सिपाही के आवास से फरार हो गया। पुलिस हाथ मलती रह गई।
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उधर, इसकी जानकारी इलाहाबाद जीआरपी आईजी बीआर मीणा को मुखबिरों ने दे दी। इसके बाद मुखबिरों की मदद से आईजी ने दस हजार के इनामी आदित्य को 15 अक्तूबर को भिंड (मप्र) के उमरी से दबोच लिया। 17 को उसे मानिकपुर लाकर अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। इस दौरान पूछताछ में बदमाश आदित्य ने आईजी के सामने पूरा मामला खोल कर रख दिया। कि उसे 10 दिन तक पुलिस टीम छिपाए रही और रकम डकार गई। उधर, इस मामले को आईजी मीणा ने गंभीरता से लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है। अब स्वाट टीम प्रभारी और पुलिस कर्मियों के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कराई गई है।
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पहले पकड़े गए आरोपी भी संदेह के घेरे में
चित्रकूट। गंगा कावेरी ट्रेन में डकैती मामले में अब तक जीआरपी ने इनामी आदित्य के पूर्व छह आरोपियों को पकड़ा है। जिसमें कुछ शंकरगढ़ व मप्र क्षेत्र के हैं। जिस तरह से यह खुलासा हो रहा है कि उससे तो पहले पकड़े गए ट्रेन डकैती के आरोपियों की गिरफ्तारी भी संदेह के घेरे में आ गई है। इस मामले में जीआरपी आईजी बीआर मीणा ने बताया कि यह आरोप गलत हैं। इसका खुलासा करने के लिए लगातार पुलिस टीमों ने जंगल में रूककर सर्चिंग की। सर्विलांस के जरिए और चार टीमों की खोजबीन के बाद इन्हें पकड़ा गया है। सरगना लूलू को भी जल्द पकड़ा जाएगा।