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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Chitrakoot: Strategy made to capitalize on the issues of the tribal community in the training class 'Go to the villages of the tribals and get into the hearts', BJP strategists gave the mantra to the office bearers to win 2024

चित्रकूट : ‘आदिवासियों के गांवों में जाएं और दिलों में उतरें’ प्रशिक्षण वर्ग में आदिवासी समुदाय के मुद्दों को भुनाने की बनी रणनीति, भाजपा के रणनीतिकारों ने पदाधिकारियों को 2024 फतह करने का दिया मंत्र

Mon, 01 Aug 2022 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:27 AM IST
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Chitrakoot: Strategy made to capitalize on the issues of the tribal community in the training class 'Go to the villages of the tribals and get into the hearts', BJP strategists gave the mantra to the office bearers to win 2024
चित्रकूट। भाजपा गठबंधन राष्ट्रपति पद पर आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू की बड़ी जीत से गदगद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इसका राजनीतिक मतलब समझाने का प्रयास किया है। अब संपूर्ण आदिवासी समुदाय को अपने पाले में लाने की कवायद यहां चित्रकूट में भाजपा के प्रदेशप्रशिक्षण वर्ग में भी दिखी।
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भाजपा के रणनीतिकारों ने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदिवासी इलाकों में जाएं। वहां की जनता से समन्वय बनाएं। उनके गांवों में प्रवास करें। समस्याओं का समाधान करवाकर उनके दिलों में उतरने का प्रयास करें। प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुरलीधर राव, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बी सतीश, प्रदेश संगठन के प्रमुख महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि आदिवासी हमारे समाज के मुख्य अंग हैं। इन्होंने भारतीय संस्कृति को बचाने में अहम भूमिका निभाई है। वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से आदिवासियों के बच्चों को शिक्षा व युवाओं को रोजगार देने पर चर्चा की गई। कहा गया कि आदिवासी समाज ही कुटीर उद्योग को जीवित रखे हुए हैं। जंगल के उत्पादों से वस्तुएं बनाते हैं। इन उत्पादों की अपनी महत्ता है। इन्हें हम सभी यदा कदा इस्तेमाल करते हैं। बुंदेलखंड समेत यूपी में आदिवासियों की बड़ी भागीदारी है। इनका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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संघ ने भी दिया था यही मंत्र
विधानसभा चुनाव के पहले वर्ष 2021 में आरएसएस ने चित्रकूट मेें राष्ट्रीय शिविर लगाया गया था। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने आदिवासियों के बीच कार्यकर्ताओं को जाने व उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए कहा था। विधानसभा चुनाव में उसी रास्ते पर चलने वाली भाजपा ने अब लोकसभा में भी इसी रास्ते पर चलने की रणनीति बनाई है।
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आदिवासी इलाकों में विकास की वकालत
विधानसभा चुनाव-2022 में भले ही भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनी, लेकिन काफी सीटें कम हो गईं। कई प्रमुख चेहरों को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस वैतरणी को पार करने के लिए भाजपा में आरएसएस के सुझाए मार्ग पर चलने के लिए पदाधिकारियों को प्रेरित किया जा रहा है। प्रशिक्षण वर्ग में आदिवासियों की समस्या का समाधान करवाने और उनके इलाकों के विकास की वकालत की गई। उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया।

स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने पर चर्चा
चित्रकूट। भाजपा के प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग में स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री व उसे बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसे भी चुनाव से जोड़ने के लिए बात हुई। तय हुआ कि ऐसा करने से गांव तक पहुंचना आसान होगा। पार्टी का प्रचार-प्रसार निश्चित होगा। लघु उद्योगों को मजबूत बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों मेें रोजगार मुहैया कराने पर विचार किया गया। देश की तरक्की के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना अच्छी बताई गई।
(संवाद)
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