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जलभराव से गांवों-शहर में आवागमन प्रभावित
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chitrakoot news
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। जिले मेें दो दिनों से हो रही बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर सहित कर्वी-राजापुर मार्ग व गांव की गलियों में जलभराव होेने से आवागमन प्रभावित है। कई बस्तियों मेें खाली पड़ी जमीन पर भी जलभराव होने से समस्या आ रही है। कच्चे घर गिरने से अब तक एक वृद्ध महिला सहित मासूम बच्चे की मौत हो गई। तालाब में अधिक पानी भरा होने से मऊ के बइसा तालाब में डूबकर चार बालिकाओं की मौत हो चुकी है। वहीं, बारिश होने से फसलों को भी नुकसान बताया जा रहा है। जिसमेें तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
बारिश होने से राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर मार्ग मेें रामनगर क्षेत्र सहित मऊ क्षेत्र मेें कई स्थानों पर जलभराव होने से निकलना मुश्किल हो रहा है। यही हाल कर्वी-राजापुर मार्ग सहित गांवों की गलियों का है। जिसमे सदर ब्लॉक के बालापुर, सिलखोरी, संग्रामपुर, खोह, की गलियों मेें पानी भरा हुआ है। इसी तरह से मानिकपुर, मऊ, पहाड़ी ब्लॉक के कई गांवों की गलियां जलमग्न है।
तिल, अरहर व बाजरा की फसल को भारी नुकसान
जिले में बारिश होने से धान की फसल को फायदा हो रहा है। वहीं, इस साल बारिश होने से तिल, अरहर व बाजरा की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिसमें कृषि विभाग की सर्वे टीम के किए गए सर्वे में 60 प्रतिशत अरहर, 80 प्रतिशत तिल की फसल को नुकसान बता रहे हैं। कृषि विभाग के सर्वे टीम के मैनजर रविंद्र सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिनों से हो रही बारिश से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, पिछले माह यमुना नदी व मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण नदी किनारे सब्जी उगाने वालों का 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि खेतों में सब्जी उगाने वालों का नुकसान बहुत कम हुआ है। हालांकि दो दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
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दो दिनों में 96.50 एमएम बारिश हुई
जिले में दो दिनों में 96.50 एमएम बारिश हुई। मई से अबतक 1218.25 एमएम बारिश जिले में चुकी है। मई माह में 530 एमएम, जून माह में 80.50 एमएम, जुलाई माह मेें 350.50 एमएम, अगस्त माह मेें 234 एमएम बारिश हुई है। जिले में धान का आच्छादन 10317 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई है। ज्वार 20860, तिल 9748 हेक्टेयर भूमि में बुआई की गई है। कुल फसल 68285.6 हेक्टेयर भूमि में बुआई की गई है। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि बारिश होने से तिल, बाजरा व अरहर की फसल को नुकसान हो रहा है। हालांकि धान की फसल को नुकसान नहीं हुआ।
बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा, आठ गांवों से संपर्क टूटा
मानिकपुर संवाद के अनुसार तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश का प्रभाव अब नदियों में भी दिखने लगा है। बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से आठ गांवों से संपर्क टूट गया है। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव, तहसीलदार राजेश कुमार व थाना पुलिस टीम ने नदी किनारे पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। खतरा उठाकर पानी के बीच से गुजर रहे लोगों को रोका। चमरौंहा, सकरौंहा, रानीपुर, गिदुरहा, निही, चिरैया, कल्याणपुर व करौंहा गांव के लोग इससे प्रभावित हुए हैं। इसी प्रकार मंदाकिनी नदी का भी जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी नीचे का घाट ही डूबा है। इससे किसी तरह की खतरे की बात सामने नहीं आई है।
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बारिश होने से राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर मार्ग मेें रामनगर क्षेत्र सहित मऊ क्षेत्र मेें कई स्थानों पर जलभराव होने से निकलना मुश्किल हो रहा है। यही हाल कर्वी-राजापुर मार्ग सहित गांवों की गलियों का है। जिसमे सदर ब्लॉक के बालापुर, सिलखोरी, संग्रामपुर, खोह, की गलियों मेें पानी भरा हुआ है। इसी तरह से मानिकपुर, मऊ, पहाड़ी ब्लॉक के कई गांवों की गलियां जलमग्न है।
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तिल, अरहर व बाजरा की फसल को भारी नुकसान
जिले में बारिश होने से धान की फसल को फायदा हो रहा है। वहीं, इस साल बारिश होने से तिल, अरहर व बाजरा की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिसमें कृषि विभाग की सर्वे टीम के किए गए सर्वे में 60 प्रतिशत अरहर, 80 प्रतिशत तिल की फसल को नुकसान बता रहे हैं। कृषि विभाग के सर्वे टीम के मैनजर रविंद्र सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिनों से हो रही बारिश से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, पिछले माह यमुना नदी व मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण नदी किनारे सब्जी उगाने वालों का 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि खेतों में सब्जी उगाने वालों का नुकसान बहुत कम हुआ है। हालांकि दो दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
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दो दिनों में 96.50 एमएम बारिश हुई
जिले में दो दिनों में 96.50 एमएम बारिश हुई। मई से अबतक 1218.25 एमएम बारिश जिले में चुकी है। मई माह में 530 एमएम, जून माह में 80.50 एमएम, जुलाई माह मेें 350.50 एमएम, अगस्त माह मेें 234 एमएम बारिश हुई है। जिले में धान का आच्छादन 10317 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई है। ज्वार 20860, तिल 9748 हेक्टेयर भूमि में बुआई की गई है। कुल फसल 68285.6 हेक्टेयर भूमि में बुआई की गई है। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि बारिश होने से तिल, बाजरा व अरहर की फसल को नुकसान हो रहा है। हालांकि धान की फसल को नुकसान नहीं हुआ।
बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा, आठ गांवों से संपर्क टूटा
मानिकपुर संवाद के अनुसार तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश का प्रभाव अब नदियों में भी दिखने लगा है। बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से आठ गांवों से संपर्क टूट गया है। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव, तहसीलदार राजेश कुमार व थाना पुलिस टीम ने नदी किनारे पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। खतरा उठाकर पानी के बीच से गुजर रहे लोगों को रोका। चमरौंहा, सकरौंहा, रानीपुर, गिदुरहा, निही, चिरैया, कल्याणपुर व करौंहा गांव के लोग इससे प्रभावित हुए हैं। इसी प्रकार मंदाकिनी नदी का भी जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी नीचे का घाट ही डूबा है। इससे किसी तरह की खतरे की बात सामने नहीं आई है।