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चित्रकूट : उमस से उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े, बालिका की मौत, जिला अस्पताल में एक दिन में आए 70 बीमार बच्चे
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फोटो-8- जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। एक दिन की बारिश के बाद तेज धूप व उमस से संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में उल्टी दस्त व बुखार से पीड़ित 70 बच्चे पहुंचे। इनमें कई को भर्ती किया गया। वहीं, भरतकूप के पास तरावं गांव में बुखार से पीड़ित सात साल की बालिका की मौत हो गई।
भरतकूप थाना क्षेत्र के तरांव गांव निवासी नरेंद्र की सात वर्षीय पुत्री दीपा की गुरुवार की देर शाम को अचानक हालत बिगड़ गई। दादा देवचरण ने बताया कि उसे तेज बुखार आ रहा था। इसके चलते वह बालिका को जिला अस्पताल लेकर आएं। यहां इलाज के दौरान बालिका की मौत हो गई।
शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पास बुखार, उल्टी दस्त से पीड़ित मरीजों की लाइन लगी रही। इसमें खासकर बच्चों की संख्या ज्यादा रही। जिला अस्पताल में चकौध गांव निवासी रामस्वरूप, कपसेठी निवासी गुलाब, सीतापुर निवासी राधेश्याम, अमानपुर निवासी अरमान, कालपुर निवासी सत्यनारायण व शहर के एसडीएम कालोनी निवासी संजय कुमार को उल्टी दस्त होने पर भर्ती कराया गया है।
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उमस भरी गर्मी बच्चों के लिए खतरनाक
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचसी अग्रवाल ने बताया कि बारिश के बाद उमस भरी गर्मी बच्चों के लिए खतरनाक होती है। बच्चों को सीधे कूलर के सामने न सुलाएं। जरूरी काम पर बाजार या कहीं जाने पर खुद और बच्चों के सिर पर सूती कपड़ा जरूर डालें। उल्टी दस्त होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल देना शुरू कर दें। बड़े भी नमक चीनी का घोल लें। नींबू, आम का पना व बेल के शर्बत का प्रयोग करें। स्वास्थ्य ठीक न होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों को जरूर दिखाएं और उनके कहे अनुसार ही दवा लें।
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भरतकूप थाना क्षेत्र के तरांव गांव निवासी नरेंद्र की सात वर्षीय पुत्री दीपा की गुरुवार की देर शाम को अचानक हालत बिगड़ गई। दादा देवचरण ने बताया कि उसे तेज बुखार आ रहा था। इसके चलते वह बालिका को जिला अस्पताल लेकर आएं। यहां इलाज के दौरान बालिका की मौत हो गई।
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शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पास बुखार, उल्टी दस्त से पीड़ित मरीजों की लाइन लगी रही। इसमें खासकर बच्चों की संख्या ज्यादा रही। जिला अस्पताल में चकौध गांव निवासी रामस्वरूप, कपसेठी निवासी गुलाब, सीतापुर निवासी राधेश्याम, अमानपुर निवासी अरमान, कालपुर निवासी सत्यनारायण व शहर के एसडीएम कालोनी निवासी संजय कुमार को उल्टी दस्त होने पर भर्ती कराया गया है।
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उमस भरी गर्मी बच्चों के लिए खतरनाक
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचसी अग्रवाल ने बताया कि बारिश के बाद उमस भरी गर्मी बच्चों के लिए खतरनाक होती है। बच्चों को सीधे कूलर के सामने न सुलाएं। जरूरी काम पर बाजार या कहीं जाने पर खुद और बच्चों के सिर पर सूती कपड़ा जरूर डालें। उल्टी दस्त होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल देना शुरू कर दें। बड़े भी नमक चीनी का घोल लें। नींबू, आम का पना व बेल के शर्बत का प्रयोग करें। स्वास्थ्य ठीक न होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों को जरूर दिखाएं और उनके कहे अनुसार ही दवा लें।