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चित्रकूट : जीएसटी के विरोध में गल्ला मंडी बंद
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फोटो-16- शहर के गल्ला मंडी परिसर में बंद दुकानें । संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। मोटे अनाज और खाद्य सामग्री पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का गल्ला व्यापार मंडल ने विरोध किया है। शनिवार को व्यापारियों ने गल्ला मंडी में दुकानें बंद रखी। सरकार से जीएसटी वापस लेने की मांग की।
गल्ला व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार की सुबह गल्ला मंडी कर्वी परिसर में बैठक की। जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने खाद्य सामग्री और मोटे अनाज पर पांच फीसदी जीएसटी लगा दिया है। यह व्यापारियों और आम जनता के साथ अन्याय है। कहा कि व्यापारी लगातार टैक्स भर रहा है और परेशानी भी झेल रहा है। खाद्य सामग्री पर जीएसटी लगाने से और बोझ बढे़गा।
महंगाई बढ़ेगी। इससे आम लोग परेशान होंगे। महामंत्री गुलाब गुप्ता ने कहा कि सरकार की इस नीति के विरोध में ही गल्ला मंडी बंद रखी गई। जीएसटी लगने से किसानों पर भी सीधा प्रभाव पडेगा। सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।
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बैठक के बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर सरकार की नीति का विरोध किया। शिवमंगल सिंह, संतोष केसरवानी, आनंद अग्रवाल, कुलदीप सिंह, संजय गुप्ता, विशाल केसरवानी, पवनेश, बृजकिशोर शिवहरे आदि मौजूद रहे।
उधर गल्ला मंडी की दुकानें बंद होने से सुदूर क्षेत्रों से आए कुछ किसानों को परेशानी हुई। कसहाई गांव के किसान चंद्रपाल सिंह ने कहा कि उसे गल्ला मंडी में दुकान बंदी की जानकारी नहीं हो पाई। वह गल्ला बेचने आए थे। अब गल्ला लेकर वापस जाना पड़ रहा है।
मोटे अनाजों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाए जाने के विरोध में जिला मुख्यालय की गल्ला मंडी बंद रखने के बाद गल्ला व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने जिले की अन्य गल्ला मंडियों और गल्ला की दुकानों पर जाकर बंदी कराई। मऊ गल्ला मंडी में भी पूरी बंदी का दावा किया गया है। गल्ला व्यापार समिति के समर्थन में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ओम केसरवानी व उपाध्यक्ष दिलीप केसरवानी भी मौजूद रहे।
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गल्ला व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार की सुबह गल्ला मंडी कर्वी परिसर में बैठक की। जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने खाद्य सामग्री और मोटे अनाज पर पांच फीसदी जीएसटी लगा दिया है। यह व्यापारियों और आम जनता के साथ अन्याय है। कहा कि व्यापारी लगातार टैक्स भर रहा है और परेशानी भी झेल रहा है। खाद्य सामग्री पर जीएसटी लगाने से और बोझ बढे़गा।
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महंगाई बढ़ेगी। इससे आम लोग परेशान होंगे। महामंत्री गुलाब गुप्ता ने कहा कि सरकार की इस नीति के विरोध में ही गल्ला मंडी बंद रखी गई। जीएसटी लगने से किसानों पर भी सीधा प्रभाव पडेगा। सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।
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बैठक के बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर सरकार की नीति का विरोध किया। शिवमंगल सिंह, संतोष केसरवानी, आनंद अग्रवाल, कुलदीप सिंह, संजय गुप्ता, विशाल केसरवानी, पवनेश, बृजकिशोर शिवहरे आदि मौजूद रहे।
उधर गल्ला मंडी की दुकानें बंद होने से सुदूर क्षेत्रों से आए कुछ किसानों को परेशानी हुई। कसहाई गांव के किसान चंद्रपाल सिंह ने कहा कि उसे गल्ला मंडी में दुकान बंदी की जानकारी नहीं हो पाई। वह गल्ला बेचने आए थे। अब गल्ला लेकर वापस जाना पड़ रहा है।
मोटे अनाजों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाए जाने के विरोध में जिला मुख्यालय की गल्ला मंडी बंद रखने के बाद गल्ला व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने जिले की अन्य गल्ला मंडियों और गल्ला की दुकानों पर जाकर बंदी कराई। मऊ गल्ला मंडी में भी पूरी बंदी का दावा किया गया है। गल्ला व्यापार समिति के समर्थन में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ओम केसरवानी व उपाध्यक्ष दिलीप केसरवानी भी मौजूद रहे।