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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Chitrakoot: From Makar Sankranti to Saint Ravidas Jayanti, there will be a state wide program for Hindu unity

चित्रकूट : मकर संक्रांति से लेकर संत रविदास जयंती तक होंगे हिंदू एकता के लिए प्रदेश व्यापी कार्यक्रम

Sun, 20 Nov 2022 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2022 11:18 PM IST
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Chitrakoot: From Makar Sankranti to Saint Ravidas Jayanti, there will be a state wide program for Hindu unity
फोटो-3 आर- विश्व हिंदू महासंघ के कार्यक्र्रम में अतिथियों को मानस पुस्तिका भेंट करतीं कार्यकर्ता? - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। विश्व हिंदू महासंघ का प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में भारत को हिंदू राष्ट्र बनेगा। अन्य प्रतिनिधियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और ज्ञानवापी शिवलिंग की पवित्रता बनाये रखने की मांग की। समापन सत्र में तय हुआ कि मकर संक्रांति से लेकर संत रविदास जयंती तक हिंदू एकता के लिए प्रदेश व्यापी कार्यक्रम होगा।
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रविवार को अधिवेशन के प्रथम सत्र में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन स्थानों पर गुलामी का एहसास कराने वाले नाम हैं। उनका नाम बदलने का कार्य किया जाए। सीएम योगी के नेतृत्व में भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। समापन सत्र में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरस्ता हिंदुत्व का प्राण है। गो, गंगा, गीता, गायत्री हमारी आस्था के केंद्र हैं। गो रक्षक पीठ सामाजिक समरसता की प्रख्यात पीठ व हिंदुत्व की राजधानी है।
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प्रदेश महामंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि हिंदुओं के हित मेें सभी को कार्य करना चाहिए। शरद प्रजापति ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के धार्मिक स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त करने कार्य करना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष गायत्री सिंह ने कहा कि योग हमारी प्राचीन विरासत है। इसको आगे बढ़ाने का कार्य चाहिए। रूद्र कुमार पाठक ने जनसंख्या नियंत्रण करने की बात कही। सच्चिदानंद सिंह ने ज्ञान वापी शिवलिंग की पवित्रता बनाए रखने का प्रस्ताव रखा।
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अधिवेशन में जगद्गुरू रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी राम चंद्र दास, सत्यनाथ, गोरक्षा प्रमुख चौधरी योगेंद्र सिंह, धर्माचार्य प्रमुख डा. हरि ओम पाठक ने अलग अलग प्रस्ताव रखे। इस मौके पर गंगा धावड़े, विष्णुकांत चौबे, विनोद सक्सेना, शरद परमार, जय शंकर केसरी, श्याम बिहारी अवस्थी, राजकुमार वाष्णों, ज्योति करवरिया आदि मौजूद रहे।
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