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चकबंदी में अनियमितता का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
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मानिकपुर। तहसील मानिकपुर के ग्राम खरौंध के एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री समेत चकबंदी आयुक्त को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि चकबंदी में घोर अनियमितता की गई है। पक्षपात की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई कराई जाए।
खरौंध के 107 किसानों ने भेजे गए पत्र में बताया कि चकबंदी प्रक्रिया 16-17 वर्षों से चल रही है। सात-आठ वर्षों से चकबंदी अधिकारी मानिकपुर न्यायालय में प्रारंभिक स्तर के बाद रकबा, मालियत, वरासत आदि विचाराधीन है। निस्तारण अभी तक नहीं किया गया।
लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए चकबंदी में तेजी दिखाई जा रही है। चक बनाने में लाकडाउन के पूर्व की तारीख में हस्ताक्षर बनाए जा रहे हैं। मालियत लगाने में सुधार नहीं हुआ। दर्जनों किसानों की वरासत दर्ज नहीं है। हिस्सों का सही विभाजन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कहा प्राथमिक स्तर की गलतियों का सुधार होने तक चक काटने पर रोक लगाई जाए।
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खरौंध के 107 किसानों ने भेजे गए पत्र में बताया कि चकबंदी प्रक्रिया 16-17 वर्षों से चल रही है। सात-आठ वर्षों से चकबंदी अधिकारी मानिकपुर न्यायालय में प्रारंभिक स्तर के बाद रकबा, मालियत, वरासत आदि विचाराधीन है। निस्तारण अभी तक नहीं किया गया।
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लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए चकबंदी में तेजी दिखाई जा रही है। चक बनाने में लाकडाउन के पूर्व की तारीख में हस्ताक्षर बनाए जा रहे हैं। मालियत लगाने में सुधार नहीं हुआ। दर्जनों किसानों की वरासत दर्ज नहीं है। हिस्सों का सही विभाजन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कहा प्राथमिक स्तर की गलतियों का सुधार होने तक चक काटने पर रोक लगाई जाए।
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