{"_id":"63067086e21faa3fbf1331a4","slug":"chitrakoot-beladi-mavai-kala-connectivity-roads-submerged-two-dozen-villages-cut-off-problem-caused-by-rising-water-level-of-yamuna-mandakini-crops-also-submerged-chitrakoot-news-knp714468689","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट : बेलाड़ी, मवई कला संपर्क मार्ग डूबे, दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा, यमुना, मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से हुई दिक्कत, फसलें भी डूबीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट : बेलाड़ी, मवई कला संपर्क मार्ग डूबे, दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा, यमुना, मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से हुई दिक्कत, फसलें भी डूबीं
विज्ञापन
फोटो-17- मऊ में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव से आवागमन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
राजापुर/मऊ। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से अर्की रोड में बेलाड़ी नाले पर बना रपटा डूब गया। इससे आवागमन ठप हो गया। बिहरवा, हसरौली, नैनी, तीरघुमाई, चांदी, देवारीहस्ता समेत करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। दोपहर को यहां आवागमन के लिए प्रशासन ने नाव की व्यवस्था कराई। उधर, मऊ में मवई कला बरवार मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन ठप हो गया। यहां भी करीब एक दर्जन गांव के लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
यमुना नदी में शाम चार बजे 7 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 89.75 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रक सूर्यकांत ने बताया कि राजापुर में खतरे का कोई निशान अंकित नहीं है। वर्ष 1978 में जलस्तर 96.37 मीटर पहुंच गया था। उस समय काफी नुकसान हुआ था। उधर, मऊ में मवई कला बरवार संपर्क मार्ग में सिंघनिया नदी में यमुना नदी के बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे आवागमन बाधित हो गया। यहां सिर्फ एक ही सरकारी नाव घंटों इंतजार के बाद मिलती है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
बता दें कि मऊ में पिछले हफ्ते बाढ़ के कारण कई रास्ते अवरुद्ध हो गए थे। तीन दिन से कुछ राहत थी। एक बार फिर से बाढ़ के कारण रास्ते बंद होने से लोगों की ंचिता बढ़ गई है।
विज्ञापन
बाढ़ से बाजरे की फसलें डूब गई हैं। उधर, प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के लोगों को सचेत कर दिया है। राजापुर एसडीएम प्रमोद झा के मुताबिक बाढ़ चौकियों पर पहले से ही कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। हर पल नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
यमुना नदी में शाम चार बजे 7 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 89.75 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रक सूर्यकांत ने बताया कि राजापुर में खतरे का कोई निशान अंकित नहीं है। वर्ष 1978 में जलस्तर 96.37 मीटर पहुंच गया था। उस समय काफी नुकसान हुआ था। उधर, मऊ में मवई कला बरवार संपर्क मार्ग में सिंघनिया नदी में यमुना नदी के बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे आवागमन बाधित हो गया। यहां सिर्फ एक ही सरकारी नाव घंटों इंतजार के बाद मिलती है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
बता दें कि मऊ में पिछले हफ्ते बाढ़ के कारण कई रास्ते अवरुद्ध हो गए थे। तीन दिन से कुछ राहत थी। एक बार फिर से बाढ़ के कारण रास्ते बंद होने से लोगों की ंचिता बढ़ गई है।
विज्ञापन
बाढ़ से बाजरे की फसलें डूब गई हैं। उधर, प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के लोगों को सचेत कर दिया है। राजापुर एसडीएम प्रमोद झा के मुताबिक बाढ़ चौकियों पर पहले से ही कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। हर पल नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।