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Chitrakoot News: आजादी के 79 साल बाद भी पगडंडी
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फोटो 25 सीकेटीपी 05 मां को पीठ पर लाद कर ले जाता बेटा। स्रोत-वीडियो
चित्रकूट। मऊ-मानिकपुर विधानसभा के हरदीकला पंचायत का डीह पुरवा आज भी विकास से कोसों दूर है। यहां 7वीं पीढ़ी से 30 घरों में कोल आदिवासी परिवार रह रहे हैं। यहां की आबादी 250 है। इसमें वोटर 100 हैं, लेकिन आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं हुई।
79 साल बाद भी बस्ती तक कोई खड़ंजा, इंटरलॉकिंग या सीसी रोड नहीं। ग्रामीण पगडंडी पर चलते हैं, बरसात में कीचड़ में पैर धंस जाता है। बीमार होने पर चारपाई या कंधे पर लादकर ले जाना पड़ता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने सिस्टम की पोल खोल दी है, हालांकि इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
वायरल वीडियो में डीह पुरवा निवासी बद्री कोल अपनी 70 वर्षीय दिव्यांग मां सितबिया को पीठ पर लादकर खाद्यान्न दुकान पर अंगूठा लगवाने ले जा रहा है। बद्री ने बताया, प्रधान से लेकर विधायक तक कोई नहीं सुनता। चुनाव में आते हैं, वादा करके चले जाते हैं। बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों को सबसे ज्यादा तकलीफ है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत से तहसील तक कई बार गुहार लगाई, सुनवाई नहीं हुई। रास्ता न होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं आती, बच्चे कीचड़ में स्कूल जाते हैं। मजदूरी कर पेट पालने वाले कोल समुदाय ने जिला प्रशासन से जल्द पक्का रास्ता बनवाने की मांग की है।
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79 साल बाद भी बस्ती तक कोई खड़ंजा, इंटरलॉकिंग या सीसी रोड नहीं। ग्रामीण पगडंडी पर चलते हैं, बरसात में कीचड़ में पैर धंस जाता है। बीमार होने पर चारपाई या कंधे पर लादकर ले जाना पड़ता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने सिस्टम की पोल खोल दी है, हालांकि इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
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वायरल वीडियो में डीह पुरवा निवासी बद्री कोल अपनी 70 वर्षीय दिव्यांग मां सितबिया को पीठ पर लादकर खाद्यान्न दुकान पर अंगूठा लगवाने ले जा रहा है। बद्री ने बताया, प्रधान से लेकर विधायक तक कोई नहीं सुनता। चुनाव में आते हैं, वादा करके चले जाते हैं। बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों को सबसे ज्यादा तकलीफ है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत से तहसील तक कई बार गुहार लगाई, सुनवाई नहीं हुई। रास्ता न होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं आती, बच्चे कीचड़ में स्कूल जाते हैं। मजदूरी कर पेट पालने वाले कोल समुदाय ने जिला प्रशासन से जल्द पक्का रास्ता बनवाने की मांग की है।