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Chitrakoot News: सोनभद्र से मिला था सुराग तो सीबीआई पहुंची चित्रकूट

Sat, 21 Feb 2026 01:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 01:02 AM IST
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CBI reached Chitrakoot after getting clue from Sonbhadra
संवाद न्यूज एजेंसी
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चित्रकूट। सिंचाई विभाग में तैनात जेई रामभवन तक पहुंचने के लिए सीबीआई कई माह से प्रयास कर रही थी लेकिन उस तक पहुंचने में काफी हद तक मदद अनपरा सोनभद्र से इंजीनियर नीरज कुमार की गिरफ्तारी के बाद मिली। नीरज की गिरफ्तारी 25 सितंबर को हुई थी। वर्ष 2012 में सोनभद्र मुख्यालय की एक किशोरी ने खुदकुशी कर ली। जेई ने उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया था लेकिन मामला पुलिस में कहीं दर्ज नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों ने बताया कि किशोरी के ही परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इस पर सीबीआई ने इंटरनेशनल स्तर पर वेबसाइट पर पोर्न वीडियो अपलोड कर लाखों रुपये कमाने वालों की जांच की थी। इसी मामले में सीबीआई ने 25 सितंबर को अनपरा सोनभद्र से इंजीनियर नीरज कुमार को पकड़ा था। उस पर भी पोर्न वीडियो बनाने और अपलोड करने का आरोप लगा था। सीबीआई को यहां मिले साक्ष्यों में जेई रामभवन का ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर और कई मैसेज मिले। इसी आधार पर जांच करते हुए टीम चित्रकूट आ गई।
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दिल्ली में सीबीआई ने पोर्न वीडियो अपलोड होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। वहीं स्थानीय दुकानदार ने बताया कि जेई रामभवन गुटखा खाने का शौकीन था। वह दफ्तर जाने से पहले 10 पाउच गुटखा खरीद कर ले जाता था और शाम को भी 10 ले जाता था। उसे महंगे गैजेट्स का शौक था। हाथ में महंगी घंटी के साथ गले में मोटी सोने की चेन लटकती रहती थी। वह अक्सर होटल में खाना खाने के रात में बाहर जाते थे।
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सीबीआई ने मौके पर आठ लाख रुपये व इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स किए थे बरामद

चित्रकूट। जूनियर इंजीनियर रामभवन 10 वर्षों से बच्चों का यौन शोषण करके अश्लील वीडियो बनाकर बेच रहा था। आरोपित ने 33 से अधिक बच्चों को अपना निशाना बनाया था। चाइल्ड पोर्नोग्राफी की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए गठित सीबीआई दिल्ली की विशेष यूनिट (ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लॉयटेशन प्रिवेंशन एंड इन्वेस्टिगेशन) ने गहन छानबीन के बाद आरोपित को बांदा से गिरफ्तार किया था। उसके चित्रकूट स्थित आवास से करीब आठ लाख रुपये, मोबाइल फोन, वेब कैमरा, लैपटॉप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व सेक्स टॉय बरामद किए गए थे।
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मोहल्ले व दफ्तर के 20 लोगों को सीबीआई ने लिया था सर्विलांस में

आरोपी रामभवन की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई लगातार एसडीएम कॉलोनी के चक्कर काटती रही। इस दौरान उन्होंने मोहल्ले के करीब 10 लोगों के नंबर सर्विलांस में रख छानबीन जारी रखी। इसमें एक कक्षा आठ में पढ़ने वाला बच्चा भी शामिल रहा। उसने बताया कि सीबीआई मुझसे बंद कमरे में पूछताछ करती और जेई के बारे में पूछती। इसके साथ विभाग के साथ ही कई अफसरों व कर्मियों को टीम भी निगरानी में लगी थी। सीबीआई टीम कार्यालय और मोहल्ले में जांच करती थी। सीबीआई के कदमताल से मोहल्ले में दहशत रहा और कई लोग तो एक से डेढ़ महीने के लिए घर में ताला लगा कर दूसरे स्थान पर चले गए थे।
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दो नवंबर को जेई हुआ गिरफ्तार

आरोपी जेई की गिरफ्तारी सीबीआई ने दो नवंबर 2020 को की थी। एक सहायक अभियंता को भी हिरासत में लिया था। सीबीआई ने दोनों से यहां रेस्ट हाउस में लंबी पूछताछ की थी। उसने वीडियो बना उन्हें इंटरनेशनल पोर्न साइट में अपलोड करके करोड़ों रुपये कमाए।
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आठ वर्ष पूर्व किशोरी की खुदकुशी से शुरू हुई पोल खुलनी

जेई रामभवन 10 साल से चित्रकूट में तैनात रहा है। हमीरपुर से तबादला होकर आने पर यहां सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने कपसेठी गांव में किराये के घर में रहता था। कुछ साल बाद उसका परिवार भी यहीं आ गया था। कर्मचारी बताते हैं कि कभी विभागीय कॉलोनी में नहीं रहता था। वर्ष 2012 में किशोरी की खुदकुशी में इसका नाम आने के बाद से वह घर बदलकर एसडीएम कॉलोनी में रहने लगा। बताया गया कि अक्सर वह अपनी पत्नी गांव भेज देता था। यहां अकेले ही रहना पसंद करता था।
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दो इंजीनियरों को भी सीबीआई ने लिया था हिरासत में
सीबीआई टीम का अभियान गुप्त रहा। दो नवंबर को मुख्यालय आकर जेई रामभवन का पता लगाने के पहले सिंचाई विभाग कार्यालय और वहीं पर स्थित आवासीय कॉलोनी पहुंची थी। वहां पर जेई के न मिलने पर उसके किराये के घर एसडीएम कॉलोनी पहुंची। यहां उसे विभाग के एई के साथ पकड़ लिया। उसका मोबाइल लैपटॉप, दो दर्जन पेनड्राइव, चिप, कैमरे अन्य सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया था। चार नवंबर को सीबीआई टीम उसे लेकर यहां से चली गई थी। वहीं इसके चालक अभय कुमार को भी हिरासत में लेकर दो-तीन दिन तक लंबी पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। जेई को अपने साथ प्रयागराज ले गई थी।
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गरीबी का फायदा लोग उठाते रहते

बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा, महोबा व हमीरपुर जिले के जंगली क्षेत्र में कई गांव बसे हुए हैं। जहां पर गरीबी का फायदा कई लोग उठाते रहते हैं। नाबालिग किशोरियों को फांसने के बाद दुष्कर्म करते हैं। ह्यूमन राइट्स के सचिव रुद्र प्रसाद मिश्र कहा कि गरीब परिवार की किशोरियों को आए दिन सिरफिरे बहला फुसलाकर ले जाते हैं और दुष्कर्म करने के साथ ही वीडियो बनाकर नेट पर डालते हैं। बताया कि रैपुरा थाना क्षेत्र में ऐसी ही एक घटना हुई थी। जिसमें किशोरी के साथ युवकों ने दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया था। इसके बाद नेट पर डाल दिया था। इसी तरह से कई अन्य घटनाएं हुई हैं।
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जेई की करतूतों से जिले के निवासी हैरान

जेई रामभवन के पकड़े जाने के बाद जब उसकी करतूतें खुली तो जिले वाले हैरान थे। सिंचाई विभाग में कार्यरत होने से जेई का ग्रामीण क्षेत्रों में आना जाना होता था। महोबा के अर्जुनपुर बांध का भी इसके पास चार्ज था, जिससे इसका अक्सर वहां भी आना जाना होता था। शहर व गांव से दूर एकांत में बने विभाग के रेस्ट हाउस में रात को नहर व पंप कैनाल ठीक करने के बहाने रहता भी था। जहां यह घिनौना खेल चलता रहा। गरीबी के चलते लोग जुबान तक नहीं खोल पाए। नवंबर के प्रथम सप्ताह में सिंचाई विभाग में कार्यरत जेई को सीबीआई पकड़ ले गई थी।
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किराये के मकान में जेई को रहना था पसंद
सिंचाई विभाग में लगभग दस साल से कार्यरत जेई रामभवन को कई बार सिंचाई कॉलोनी में आवंटन को ऑफर किया गया, वह हर बार इन्कार करता रहा। कई साल तक सिंचाई विभाग कार्यालय के आसपास की बस्ती में किराये के मकान में रहता था। कपसेठी व अमानपुर गांव के आसपास किराए के घर में रहने के दौरान उसके घर खाना बनाने वाली महिला आती थी, जिसकी दो बेटियां भी आती थीं। लोगों ने उसकी हरकतों पर संदेह भी जताया था, इसके बाद उसने मकान छोड़ा था। एसडीएम कॉलोनी में भी वह किराये के मकान में ही रहा। अफसरों के मुताबिक, सिंचाई विभाग की कॉलोनी में रहते उसके कारनामों की पोल खुलने की संभावना पर ही वह यहां नहीं रहता था।


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बच्चों ने कहा डर का था माहौल

एसडीएम कॉलोनी में जिस किराये के घर में जेई रहते थे, उसके आसपास के कुछ बच्चों से शुक्रवार को बातचीत हुई। कई ने बात करने से मना किया, जबकि कई ने कहा ने बताया कि उस समय हम केवल दस व 12 साल के थे। यह अंकल ऐसे थे, उन्हें तो कभी नहीं लगा। हां इतना जरूर है कि वह कभी उनके घर गए तो कई तरह के मोबाइल व अन्य कीमती सामान रखा रहता था। किसी को भी मोबाइल छूने से मना नहीं करते थे।
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