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Chitrakoot News: बाढ़ में पूंजी बही, सीमांकन के डर से नहीं खोल रहे दुकान

Mon, 14 Sep 2026 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Mon, 14 Sep 2026 11:22 PM IST
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Capital washed away in the floods; shopkeepers not reopening due to fear of demarcation.
सीकेटीपी-14 सीकेटीपी 10-अमित केसरवानी
चित्रकूट। मंदाकिनी की बाढ़ ने रामघाट के दुकानदारों का कारोबार ही नहीं, उनकी वर्षों की जमा पूंजी भी बहा दी।
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रामघाट में करीब एक महीने बाद अमावस्या मेले से बाढ़ में हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद थी, लेकिन नदी क्षेत्र में अतिक्रमण के सीमांकन की चर्चा ने उनकी यह उम्मीद भी तोड़ दी। दोबारा कर्ज लेकर दुकान में सामान भरने से दुकानदार इसलिए डर रहे हैं कि कहीं सीमांकन के बाद दुकान हटाने की कार्रवाई हुई तो बची-खुची पूंजी भी चली जाएगी।
रामघाट क्षेत्र में 200 से अधिक दुकानें हैं। इनमें फिलहाल केवल पांच-सात दुकानें ही खुली हैं। इनमें भी चाय नाश्ते ही दुकानें हैं। बाकी दुकानों के शटर करीब एक महीने से बंद हैं।
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किसी ने एक लाख तो किसी ने 10 लाख रुपये तक का कर्ज लेकर दुकान में सामान भरा था। बाढ़ में सामान बहने व खराब होने से दुकानदारों पर कर्ज का बोझ तो बढ़ा ही, परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
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दुकानदारों का कहना है कि सीमांकन व दुकानें हटाए जाने की चर्चा के कारण अब वे नया माल खरीदने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी तक उन्हें बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिला है।
बोले दुकानदार-दुकान खोलने से डर रहे
करीब 10 लाख रुपये का लोन लेकर दुकान में सामान भरा था। बाढ़ में पूरा सामान बर्बाद हो गया। अब सीमांकन की बात सामने आ रही है। इससे दुकान खोलने में डर लग रहा है।- सुमित, दुकानदार, पूजन सामग्री विक्रेता।
बाढ़ में दुकान का पूरा सामान बह गया था। कुछ सामान बचा, लेकिन वह भी खराब हो गया। उधार लेकर थोड़ा सामान दोबारा खरीदा है। इसी सामान के साथ दुकान पर बैठे हैं।- अमित केसरवानी, दुकानदार, खिलौना विक्रेता।
बाढ़ के समय उन्होंने दुकान का सामान ऊंचाई वाली जगह पर रख दिया था, लेकिन नदी की तेज धारा में वह भी बह गया। दो लाख रुपये का कर्ज लेकर सामान भरा था। परिवार चलाने के लिए और कर्ज लेना पड़ रहा है।- ऋषभ, बैग विक्रेता।
पांच लाख रुपये का लोन लेकर दुकान में सामान भरा था। बाढ़ में सामान के साथ दुकान का फर्नीचर व बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। अब सीमांकन में दुकान हटने की बात कही जा रही है, इसलिए दुकान दोबारा खोलने से डर लग रहा है।- पप्पू गुप्ता, कॉस्मेटिक विक्रेता।

वर्जन
सीमांकन के बाद ही तय होगी कार्रवाई
दुकानें हटेंगी या नहीं, इस संबंध में अभी कुछ कहना संभव नहीं है। फिलहाल नदी क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर सीमांकन कराया जाएगा। सीमांकन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।- अजय यादव, एसडीएम, कर्वी।

सीकेटीपी-14 सीकेटीपी 10-अमित केसरवानी

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